क्या आपने पानी में तैरने वाली बस देखी है? हिंदुस्तान में अब वाटर-वे का जमाना

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आपने फिल्मों में पानी में तैरने वाली कॉन्सेप्ट कार देखी होगी। बस देखी होगी। लेकिन, असल जिंदगी में भी पानी में तैरने वाली बस है। अब हिंदुस्तान में भी आप सपनों की बस का मजा ले सकते हैं। पंजाब में देश की पहली पानी में तैरने वाली बस शुरू हुई है। पहले इस वीडियो में देखिए कि कैसे एक बस सड़क दौड़ती है और फिर पानी में तैरती है।

पंजाब में पानी में तैरने वाली बस
पंजाब पर्यटन विभाग ने इस चमत्कारी सेवा को शुरू किया है। पर्यटकों की सुविधा के लिए अमृतसर रेलवे स्टेशन से यह बस चलेगी, जो डेढ़ घंटे का सफर तय कर हरीके पत्तन पहुंचे। पानी वाले बस अड्डे से लेकर मक्खू दे चुरीयां रैंप तक करीब 13 किलोमीटर का सफर 45 मिनट में पूरा होगा। पंजाब पर्यटन विभाग इस बस को सूबे के दूसरे हिस्सों में भी चलाने के प्लान पर काम कर रहा है।
कितने पानी में चलेगी वाटर बस?
waterbus1पानी में तैरने वाली लग्जरी बस में 32 पर्यटक, एक ड्राइवर और कमांडर बैठ सकते हैं। इस हाईटेक लग्जरी बस का चेचिस स्वीडन से और इंजन अमेरिका से मंगवाया गया है। बस को गोवा की एक कंपनी ने एसेंबल यानी तैयार किया है।
वाटर बस को चलाने के लिए कम से कम साढ़े चार फुट गहवाई वाला पानी चाहिए। तभी ये शानदार बस आराम से पानी में तैर पाएगी।
हाईवे की तर्ज पर वाटर वे विकसित करने का प्लान
केंद्र सरकार भी देश में वाटर वे को नए सिरे से विकसित करना चाहती है, जिससे सड़कों पर लोड कम हो और लोग आसानी से जलमार्ग से अपनी मंजिल तक पहुंच सके। केंद्र सरकार की सोच है कि जलमार्ग विकसित होने से सड़कों में भीड़ भाड़ कम होगी, भाड़ा कम लगेगा और प्रदूषण में भी कमी आएगी।
क्या है मोदी सरकार का जल-प्लान ?
• अभी देश में पांच अंतर्देशीय जलमार्ग हैं। सरकार ने 106 और जलमार्गों की पहचान कर ली है। यानी अब कुल 111 राष्ट्रीय जलमार्ग तैयार करने का प्लान चल रहा है।
• सरकार देश भर में 2000 पोर्ट यानी बंदरगाह भी बना रही है। जहां जहां बंदरगाह बनेंगे वहां खूब पैसा आएगा और रोजगार भी बढ़ेगा।
• जलमार्गों को सड़क से जोड़ा जाएगा। इसके लिए नितिन गडकरी ऐसी बसें लाना चाहते हैं जो सड़क के साथ साथ पानी में भी चल सकती हैं।
पानी के रास्ते कितना पैसा आएगा?
• भारत में जहाजरानी क्षेत्र में जबर्दस्त संभावनाएं हैं। नितिन गडकरी के मुताबिक जहां दुनिया भर में बंदरगाहों ने नुकसान दर्ज किया, भारतीय बंदरगाहों ने 6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की और लगभग 6000 करोड़ रुपये का फायदा कमाया।
• अभी देश में 12 बड़े बंदरगाह हैं और सरकार ऐसे ही 6 और बंदरगाहों के निर्माण की तैयारी में है।
• समंदर के आसपास के इलाकों के लिए बनाई गयी सागरमाला परियोजना से भारी निवेश आने की उम्मीद है। विशेषज्ञों के अनुसार सागरमाला औद्योगिक कलस्ट रों से करीब 8 लाख करोड़ रुपये आएंगे।

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