अमेरिका में मुसलमानों का क्या होगा?

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डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति चुने जाने के बाद से अमेरिकी मुसलमान डरे हुए हैं। भले ही ट्रंप ने चुनाव जीतने के बाद साफ-साफ कहा था कि वो हर अमेरिकी के राष्ट्रपति होंगे। लेकिन, चुनाव प्रचार के दौरान ट्रंप का जो चेहरा सामने आया उससे अमेरिकी मुसलमानों का डर जायज है।

मुस्लिमों के खिलाफ हिंसा बढ़ी

शिकागो के मिनेसोटा में एक मिडिल स्कूल में छात्रों ने मुस्लिम छात्रा का हिजाब खींच लिया। इतना ही नहीं मुस्लिम छात्रा के बालों को खोल दिया गया। काउंसिल ऑन अमेरिकन इस्लामिक रिलेशंस ने हिजाब खींचने की घटना के हमला करार दिया है। प्रशासन की ओर से पूरे मामले की जांच चल रही है।

दरअसल, ट्रंप को मुस्लिम विरोधी माना जाता है। वो चुनाव प्रचार के दौरान अपना इरादा खुल कर साफ कर चुके हैं। ऐसे में अटकलें लगाई जा रही हैं कि ट्रंप की बातों से प्रेरणा लेकर लोगों इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं।




अमेरिका में कितने मुसलमान हैं?

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अमेरिका में धर्म के आधार पर जनगणना नहीं होती है। ऐसे में अमेरिका में मुस्लिम आबादी का कोई सही आंकड़ा मौजूद नहीं है। एक अनुमान के मुताबिक, अमेरिका में व्यस्क मुस्लिमों की आबादी करीब 1% है, जो 2050 तक 2% के निशान को पार कर जाएगी। अमेरिका में 63% मुसलमान प्रवासी हैं। मतलब, अगर ट्रंप ने चुनाव प्रचार के दौरान जो कुछ कहा, उस पर अमल शुरू कर दिया तो अमेरिका से 63% मुसलमानों को अपना बोरिया-बिस्तर समेटना पड़ सकता है।

अमेरिकी मुसलमानों की स्थिति

muslim-americansअमेरिकी मुस्लिम अच्छे खासे पढ़े-लिखे हैं। अमेरिका में धार्मिक नजरिए से देखा जाए तो पढ़ाई-लिखाई के मामले में यहूदी नंबर वन पर हैं, उसके बाद मुस्लिमों का नंबर आता है। अमेरिकन मुस्लिम महिलाएं पढ़ाई-लिथाई के मामले में पुरुषों से आगे हैं। मुस्लिम महिलाओं की मौजूदगी अमेरिकी महिलाओं की तुलना में प्रोफेशनल फील्ड में ज्यादा है।

अमेरिका के छोटे-छोटे शहरों में भी मुस्लिम आबादी फैली हुई है। अमेरिका में करीब 87 साल पहले पहली मस्जिद बनी मतलब 1929 में। उससे पहले अमेरिका में किसी मस्जिद का कोई रिकॉर्ड नहीं है। दुनिया के दूसरे हिस्सों से अलग अमेरिकी मुसलमान प्रोग्रेसिव हैं, वो वक्त के साथ कुरान की व्याख्या पर भी विचार करने के राजी-खुशी तैयार हैं।




अमेरिकी मुसलमानों का आतंक कनेक्शन !
11 सितंबर, 2001 से 2014 तक 109 अमेरिकी मुस्लिमों ने अपने ही मुल्क के खिलाफ साजिश रची। इस दौरान 50 लोगों की जान गयी। लेकिन, आम अमेरिकी मुस्लिमों ने कभी भी आतंकवाद का समर्थन नहीं किया। एक रिसर्च के मुताबिक, अमेरिका में ज्यादातर संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार करवाने में अमेरिकी मुस्लिमों ने पुलिस की मदद की। जांच में भी पूरा सहयोग किया।

 




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