अमेरिकी संसद में पाकिस्तान का हुक्का-पानी बंद करने वाला बिल

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नए साल में अमेरिका आतंकियों को पालने-पोसने वाले पाकिस्तान पर लगातार शिकंजा कस रहा है। पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान को मिलने वाली मिलिट्री और सैन्य मदद रोकी। अब अमेरिका की प्रतिनिधि सभा में एक बिल पेश कर मांग की गई है कि पाकिस्तान को फूटी कौड़ी नहीं दी जाए।

किसने पेश किया बिल?

दक्षिणी कैरोलिना से सांसद मार्क सैनफोर्ड और केंटकी से सांसद थॉमस मैसी की ओर से विधेयक प्रतिनिधि सभा में पेश किया गया। ये विधेयक अमेरिकी करदाताओं की कमाई पाकिस्तान भेजने पर रोक लगाने की वकालत करता है। विधेयक पेश करने वाले सांसदों की दलील है कि अमेरिकी लोग दूसरे राष्ट्रों की मदद करते हैं। लेकिन, अमेरिकी करदाताओं के पैसे का इस्तेमाल आतंकियों को खिलाने-पिलाने और पुरस्कृत करने के लिए नहीं किया जाना चाहिए।

पाकिस्तान को ट्रंप का झटका

नए साल में अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान को सबसे बड़ा झटका दिया। उन्होंने ट्वीट किया कि अमेरिका पिछले 15 सालों में पाकिस्तान को 33 अरब डॉलर से ज्यादा की मदद दे चुका है। लेकिन, उसने हमें झूठ और छल-कपट के अलावा कुछ नहीं दिया। पाकिस्तान हमारे नेताओं को मूर्ख समझता है। उन आतंकवादियों को पनाह दी,जिन्हें हम अफगानिस्तान में तलाश कर रहे थे। ये अब और नहीं। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के इस ट्वीट के बाद अमेरिका ने पाकिस्तान को मिलने वाली मदद रोक दी।

अमेरिका पाकिस्तान को क्यों देता है मदद?

अमेरिका पर हुए 9/11 हमले के बाद से ही पाकिस्तान के आतंकवाद से लड़ने के नाम पर हर साल मोटी मदद मिल रही है। 2002 में अमेरिका की ओर से 2 अरब डॉलर की मदद दी गई। उसके बाद 2008 तक अमेरिका हर साल पाकिस्तान को एक से दो अरब डॉलर के बीच मदद देता रहा। 2009 में इस रकम को बढ़ा कर 3 अरब डॉलर से भी अधिक कर दिया गया।

इस दौर में पाकिस्तान की कमान जनरल परवेज मुशर्रफ संभाल रहे थे। 2010 में सबसे ज्यादा साढ़े चार अरब डॉलर की मदद अमेरिका ने पाकिस्तान को भेजी। लेकिन, इस बीच पाकिस्तान के एबटाबाद में अमेरिकी कमांडोज ने ओसामा बिन लादेन को मार गिराया। पाकिस्तान की पोल-पट्टी खुलने के बाद अमेरिका ने पाकिस्तान को भेजने वाली मदद कम कर दी।

पाकिस्तान ने अमेरिकी मदद का क्या किया?

पाकिस्तान को पिछले 15 साल में अमेरिका से 2 लाख 8 हजार 461 करोड़ रुपये की मिली। मतलब, पाकिस्तान अपने रक्षा बजट से चार गुना रकम पिछले 15 साल में अमेरिका से वसूल चुका है। इस पैसे के बड़े हिस्से का इस्तेमाल पाकिस्तान ने आतंकियों को पालने-पोसने में किया और हिंदुस्तान से लगी सीमा पर अपनी फौज को मजबूत करने में किया।

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