#TheEconomist से क्यों नाराज है रिजर्व बैंक ?…क्या अपनी गलती सुधारेंगे #UrjitPatel ?

0
298 views

7 दिसंबर..#demonetisation यानी विमुद्रीकरण के ऐलान से ठीक 29 दिन बाद…मुंबई में आरबीआई का मुख्यालय…पिछले कई साल में भारत में काम कर रहे बिजनेस जर्नेलिस्ट्स के लिए ये सबसे बड़ी प्रेस कांफ्रेस थी। आर्थिक मामलों की पत्रकारिता करने वाला हर कोई इस प्रेस वार्ता में मौजूद रहना चाहता था। लेकिन दुनिया की सबसे भरोसेमंद माने जाने वाली राजनीतिक-आर्थिक मामलों की पत्रिका The Economist के साउथ एशिया बिजनेस औऱ फाइनेंस संवाददाता को इसमें नहीं बुलाया गया। ये मामला अब पूरी दुनिया में ‘वाइरल’ हो रहा है।  #SachJano ने इस पूरे मामले की रिसर्च की-




क्या हुआ 7 दिसंबर दोपहर दो बजे?

दोपहर करीब दो बजे The Economist के पत्रकार स्टेनले पिग्नल मुंबई में शहीद भगत  सिंह रोड स्थित रिजर्व बैंक के मुख्यालय पहुंचे। गेट पर उन्हें रोक दिया गया। उन्हें बताया गया कि उनकी पत्रिका का नाम आमंत्रित अतिथियों की सूची में नहीं है। स्टेनले के मुताबिक ऐसा पहली बार हुआ। दो बजकर 27 मिनट पर स्टेनले ने इस घटना का बखान सोशल मीडिया पर कर दिया। स्टेनले के मुताबिक ये बहुत ही उदास पल था, The Economist को प्रेस कांफ्रेस में नहीं आने दिया, पारदर्शिता के लिए ये एक बुरा दिन है..

economist-1

 




स्टेनले का कहना है कि आरबीआई की प्रवक्ता ने उनसे कहा कि उन्हें प्रेस कांफ्रेंस में आने की इजाजत नहीं देने का #The Economist की रिपोर्टिंग से कोई ताल्लकु नहीं है। लेकिन स्टेनले इस बात से संतुष्ट नजर नहीं आए। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि मैं इस बात की आलोचना करता रहा हूं कि आरबीआई गवर्नर पत्रकारों से बात नहीं करते लेकिन मुझे उम्मीद नहीं थी कि हमें प्रेस काफ्रेंस में आने से ही रोक  दिया जाएगा-

economist-2

 

नोटबंदी के खिलाफ क्या लिखा था The Economist ने?

The Economist ने इस हेडलाइन के साथ एक लेख लिखा था-‘Withdrawing 86% by value of the cash in circulation in India was a bad idea, badly executed’-  इसमें नोटबंदी के विचार औऱ उसको लागू करने की तीखी आलोचना की गयी थी। इसमें कहा गया कि नोटबंदी से कालेधन को कम करने में कोई बड़ा फायदा नहीं मिलेगा, साथ ही इसे गरीबों के लिए बेहद कष्टकारी बताया गया। कहा जा रहा है कि एक नामी अंतरराष्ट्रीय पत्रिका में इस तरह की तीखी टिप्पणियों से सरकार औऱ रिजर्व बैंक दोनों नाराज हैं।







The short URL of the present article is: http://sachjano.com/tQcEy