भारतीय फौज के सर्जिकल स्ट्राइक पार्ट-2 से दहशत में पाकिस्तान

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भारतीय सेना ने सोमवार को अपने 4 फौजियों की शहादत का बदला ले लिया। पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाके में भारतीय फौज की एक टुकड़ी घुसी और दुश्मन के तीन जवानों का काम तमाम कर सुरक्षित वापस लौट आई, इस पराक्रम को भारतीय फौज का सर्जिकल स्ट्राइक पार्ट-2 कहा जा रहा है। भारतीय फौज ने शनिवार को अपने एक मेजर समेत 4 फौजियों की मौत का बदला ले लिया।

भारतीय फौज ने कैसे लिया बदला?

रक्षा सूत्रों के मुताबिक, राजौरी सेक्टर में एक मेजर और 3 फौजियों की शहादत के बाद भारतीय फौज ने पाकिस्तानी आर्मी को सबक सिखाने का फैसला किया। इसके लिए घातक कमांडोज की एक छोटी टीम चुनी गयी। टीम के लिए 5 कमांडो चुने गए। पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाके में दाखिल होने के लिए समय चुना गया शाम के 6 बजे का…पूरी तैयारी के साथ कमांडोज दुश्मन के इलाके में करीब 500 मीटर अंदर तक घुसे।

सूत्रों के मुताबिक, भारतीय कमांडोज के निशाने पर थे, पाकिस्तान की 59 बलूच रेजिमेंट के जवान। दुश्मन के कैंप के बिल्कुल पास पहुंच कर घातक कमांडोज की टीम ने हमला बोल दिया, जिसमें 59 बलूच रेजिमेंट के 3 जवान मौके पर ही मारे गए। बिजली की रफ्तार से हुए हमले में पाकिस्तानी आर्मी के कुछ जवान बुरी घायल हुए।

रक्षा सूत्रों के मुताबिक, पूरा ऑपरेशन करीब 10 मिनट तक चला, 45 मिनट तक दुश्मन के गढ़ में रहने के बाद सभी भारतीय कमांडोज अपने मिशन को पूरा कर सुरक्षित वापस लौट आए।

क्या इस बार भी सर्जिकल स्ट्राइक हुआ?

पिछले साल 29 सितंबर की रात भारतीय फौज की कई टीमें एक साथ एलओसी पार कर दुश्मन के इलाके में करीब 2 किलोमीटर अंदर तक घुसीं और आतंकियों के कई लॉर्चिंग पैड तबाह किए। सर्जिकल स्ट्राइक में 40 आतंकियों के मारे जाने की बात सामने आयी।

मोदी सरकार ने दुनिया के सामने कुबूल किया कि हमारी फौज ने LoC में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक किया। दुश्मन के इलाके में चल रहे आतंकियों के कैंप तबाह किए। पिछले साल हुई सर्जिकल स्ट्राइक के लिए बड़े पैमाने पर तैयारी की गयी थी। लेकिन, इस बार ऐसा नहीं था।

रक्षा सूत्रों के मुताबिक, फौज ने अपने जवानों की शहादत का बदला लेने के लिए दुश्मन के खिलाफ एक छोटा ऑपरेशन किया, माना जा रहा है कि ये ऑपरेशन ब्रिगेड स्तर का था। इसमें सेना मुख्यालय और सरकार शामिल नहीं थी। ऐसे फैसले हालात के मुताबिक ब्रिगेड स्तर पर लिए जाते हैं। इसलिए, इसे सर्जिकल स्ट्राइक पॉर्ट-2 कहना ठीक नहीं है।

दुश्मन के गढ़ में घुसकर हमले का फायदा!

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि जिस तरह भारतीय फौज ने सरहद पार कर बलूच रेजिमेंट पर हमला किया, इससे दुश्मन सरहद पर खुराफात से पहले हजार बार सोचेगा। पाकिस्तानी फौज के भीतर डर पैदा होगा कि भारतीय फौज सिर्फ रात के अंधेरे में ही नहीं दिन के उजाले में भी घुस कर प्रहार कर सकती है।

छोटे सर्जिकल स्ट्राइल से एक ओर सरहद पर तैनात पाकिस्तानी फौजियों का मनोबल गिरेगा तो दूसरी ओर भारतीय फौजियों का मनबल ऊंचा होगा ।

सरहद पर बढ़ी है दुश्मन की खुराफात

पाकिस्तान की ओर से इस साल 26 दिसंबर तक 820 बार सीजफायर वॉयलेशन किया गया है। वहीं, पिछले साल सीजफायर उल्लंघन के 221 मामले सामने आए थे। साल भर में भारतीय फौज ने जम्मू-कश्मीर में ऑपरेशन ऑलआउट में 210 आतंकियों को मार गिराया। इसमें से 62 आतंकी LoC पर ढेर किए गए, जबकि 148 जम्मू-कश्मीर के अलग-अलग हिस्सों में फौज की गोलियों का निशाना बने।

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