सोने की चिड़िया को बर्बाद करने वालों की पूरी कहानी…

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एक नवंबर को एक ऐसी किताब आ रही है जिसमें उस दौर की कहानी है जब भारत दुनिया के सबसे अमीर देशों में से एक था। ये कहानी बहुत पुरानी नहीं है। सिर्फ चार सौ साल पहले की बात है। भारत के सामने यूरोप और अमेरिका कुछ नहीं थे। लेकिन 17वीं सदी की सोने की चिड़िया 20 वीं सदी आने तक कैसे बदहाल हो गयी, अंग्रेजों ने किस तरह से भारत को लूटा, कैसे भारत की दौलत ब्रिटेन पहुंच गयी, अपनी ही धरती पर लाखों भारतीय कैसे बेघर-बार हो गए, भारत का खजाना लूट कर ब्रिटेन कैसे मालामाल हुआ, क्या दुनिया ये मानेगी कि वो जो कुछ भी है उसमें भारत की सबसे बड़ी भूमिका है ? ये सब सवाल और उनके जवाब इस किताब में हैं। अंग्रेजी वालों के बीच शशि थरूर की किताब A Long Darkness: The British Empire in India की काफी चर्चा हो रही है, लेकिन हिंदी पढ़ने वालों में इसकी ज्यादा बात नहीं हो पाई, इसी लिए #SachJano इस किताब के बारे में कुछ जानकारियां दे रहा है।
इतिहास का सबसे बड़ा अपराध
अमेरिकी इतिहासकार विल ड्यूरंट ने 1930 में कहा कि ब्रिटेन का जानबूझकर और सोचसमझकर भारत को लहुलुहान करना विश्व इतिहास में सबसे बड़ा गुनाह था। ये कोई अतिश्योक्ति नहीं है। दुनिया के कई बड़े चिंतक ये मान चुके हैं कि अंग्रेजों ने भारत के साथ जो किया उसे माफ नहीं किया जा सकता। उनके दौर में हिंदुस्तान जैसे अमीर देश में अकाल की वजह से साढ़े तीन करोड़ मौत हो गयी। ये तथ्य आज भी रोंगटे खड़े कर देता है। अब एक नज़र इन आंकड़ों पर डालिए-
• जब अंग्रेज भारत आए थे तब हिंदुस्तान की जीडीपी पूरी दुनिया की 23 फीसदी थी।
• आज अमेरिकी की जीडीपी भी इससे कम है-22 फीसदी।
• लेकिन जब अंग्रेजों ने भारत छोडा तब जीडीपी का हिस्सा सिर्फ 3 फीसदी रह गया।
• और तब ब्रिटेन की जीडीपी पूरी दुनिया की 10 फीसदी हो गयी।
• 1940 तक ब्रिटेन पहली दुनिया के सबसे अमीर देशों में से एक हो गया, और हम चले गए तीसरी दुनिया के अंधकार में-जहां गरीबी थी, भुखमरी थी, बीमारी थी औऱ अज्ञानता का साम्राज्य था।
ये किताब क्यों पढ़नी चाहिए ?
अब तक अंग्रेजों को जुल्म और उनके इतिहास के बारे में कई बातें लिखी कही गयी हैं। कुछ लोग तो यहां तक कहते हैं कि अंग्रेजों की वजह से ही हिंदुस्तान ने तरक्की की है, उनकी वजह से ही ट्रेन से लेकर हवाई जहाज तक पहुंचे हैं। लेकिन पहली बार इस किताब के जरिये अंग्रेजों की नई पीढ़ी को उन्हीं की भाषा में ये समझाने की कोशिश हुई है कि आप जो भी हैं हमारी वजह से हैं। आप पर हमारा कर्ज बनता है।
कहां से आया इस किताब का आयडिया ?
मई 2015 में ऑक्सफोर्ड यूनियन ने एक डीबेट का आयोजन किया। बहस का मुद्दा था कि ब्रिटेन पर अपने पुराने उपनिवेशों का कर्ज बनता है.. इस बहस में शशि थरूर ने जो भाषण दिया वो पूरी दुनिया में मशहूर हो गया। थरूर ने अंग्रेजी हुकूमत की बखिया ऐसी उधेड़ी की सभी सन्न रह गए। आप उनका वो भाषण यहां देख सकते हैं-

(Curtsey-Oxford Union)
इस भाषण को करीब 35 लाख लोगों ने यू ट्यूब पर देखा। इससे ही शशि थरूर को ये किताब लिखने की प्रेरणा मिली। किताब Aleph Book Company ने छापी है।

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