वल्लभ भाई से देश के लौह पुरुष तक…त्याग का दूसरा नाम सरदार पटेल

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सरदार वल्लभ भाई पटेल की 140 वीं जयंती पर देश उन्हें श्रद्धांजलि दे रहा है। सरदार पटेल ने अपनी समझ-बूझ से 500 से ज्यादा छोटी-बड़ी रियासतों को एक कर दिया, जिससे बना मजबूत भारत। हिंदुस्तान के इतिहास में सरदार पटेल एक ऐसी शख्सियत हैं, जो सही मायने में सबसे बड़े त्यागी और राजनीतिक संन्यासी थे। पटेल की जयंती पर उनकी जिंदगी के कुछ अनछुए पहलू।

  • सरदार वल्लभ भाई पटेल महात्मा गांधी से उम्र में सिर्फ 6 साल बड़े थे। लेकिन, उन्हें अपना गुरु मानते थे। त्याग पटेल की मूल स्वभाव का हिस्सा था। किसान परिवार में पैदा हुए पटेल बचपन में अपने पिता के साथ खेत में काम करते थे। महीने में दो बार दिनभर का व्रत रखते थे। बचपन से ही छोटे-छोटे त्याग ने पटेल को बहुत मजबूत बना दिया।
  • सरदार पटेल कर्म में यकीन करते थे। साल 1909 में उनकी पत्नी का ऑपरेशन के दौरान निधन हो गया। पटेल को जब पत्नी की मौत का समाचार मिला, तो वह कोर्ट में बहस कर रहे थे। लेकिन, चेहरे पर वगैर कोई भाव लाए पटेल कोर्ट में जिरह करते रहे। कोर्ट की कार्रवाई खत्म होने के बाद ही उन्होंने अपनी पत्नी की मौत की खबर दूसरे लोगों को बताई। लोग दंग रह गए।
  • बात 1930 की है। गुजरात में प्लेग फैला। सरदार पटेल के एक मित्र भी प्लेग की चपेट में आ गए। लोगों की सलाह को अनसुना करते हुए, पटेल दोस्त की देखभाल के लिए पहुंच गए। जिससे उन्हें भी प्लेग हो गया। बीमार पटेल तब तक एक पुराने मंदिर में अकेले रहे जब तक वो ठीक नहीं हो गए।
  • आजादी से पहले कांग्रेस में महात्मा गांधी के बाद सिर्फ दो बड़े नाम लोगों की जुबान पर थे। साल 1945-1946 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष पद के लिए सरदार वल्लभ भाई पटेल तगड़े दावेदार थे। उन्हें पार्टी के भीतर से तगड़ा समर्थन भी मिल रहा था। पंडित नेहरू की नजर भी कांग्रेस अध्यक्ष की कुर्सी पर थी। बदले राजनीतिक हालात में जो भी कांग्रेस अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठता, उसे ही सरकार बनाने यानी प्रधानमंत्री बनने का मौका मिलता। पंडित नेहरू के मूड और महात्मा गांधी के मन को देखते हुए सरदार पटेल ने अपना नाम वापस ले लिया। जिससे नेहरु के प्रधानमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया।
  • सरदार पटेल महात्मा गांधी से भावनात्मक रुप से जुड़े थे। महात्मा गांधी की हत्या के बाद उनकी तबीयत खराब रहने लगी। करीब दो महीने बाद ही उन्हें हार्ट अटैक भी हुआ। पटेल ने बतौर देश के गृहमंत्री राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर बैन भी लगाया था।

 

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