पंजाब में जेल ब्रेक की पूरी कहानी…

0
480 views

पंजाब के पटियाला में सबसे सुरक्षित नाभा जेल से रविवार को 6 खूंखार कैदी फिल्मी स्टाइल में फरार हो गए। जिसमें खालिस्तान लिबरेशन फ्रंट का प्रमुख हरमिंदर सिंह मिंटू भी शामिल था। लेकिन, जेल ब्रेक के 24 घंटे के भीतर भी पुलिस से खूंखार हरमिंदर सिंह मिंटू को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया।

नाभा जेल से कैसे भागे आतंकी?

रविवार सुबह करीब पौने नौ बजे 8 से 10 लोग 4 गाड़ियों में सवार होकर नाभा जेल के गेट पर पहुंचे। सफेद फॉर्च्यूनर से तीन लोग उतरे, जिसमें से एक ने सब इंस्पेक्टर और दूसरे ने ASI की वर्दी पहन रखी थी। तीसरा शख्स सफेद कपड़ों में था, जिसके हाथों में हथकड़ी लगी थी।



नाभा जेल के गेट नंबर वन पर संतरी को बताया गया कि वह कैदी को हैंडओवर करने आए हैं। मेन गेट पर भी कैदी को हैंडओवर करने की बात दोहराई गयी। लेकिन, ड्यूटी पर तैनात संतरी ने कागजात मांगे। इसी दौरान कैदियों को छुड़ाने गए अपराधियों ने संतरी पर चाकू से वार कर दिया और संतरी से गेट की चाबियां छीन ली।

भीतर दाखिल होते ही गाड़ियों में सवार अपराधियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। पहले से ही फरार होनेवाले सभी कैदी गेट नंबर 2 पर पहुंच चुके थे। रविवार होने की वजह से बैरक खुली हुई थी।

फायरिंग के बीच सभी छह कैदी गाड़ियों में सवार होकर फरार हो गए। लेकिन, जेल से करीब आधा किलोमीटर की दूरी पर स्थिति रेलवे फाटक बंद था। गाड़ियों में सवार कैदी और अपराधी वापस जेल की तरफ आए और फिर जेल के सामने से होते हुए नाभा शहर से होते हुए फरार हो गए।



कौन है हरमिंदर सिंह मिंटू?

पंजाब में आतंकवाद के दौर में मिंटू ने खालिस्तान लिबरेशन फोर्स यानी KLF बनाई। वो इसका कमांड है। मिंटू 2010 के बाद देश से बाहर चला गया था। उसे 2014 में थाईलैंड से प्रत्यर्पित किया गया था। उसके बाद पंजाब पुलिस ने मिंटू को गिरफ्तार किया था।

मिंटू पर डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम पर भी हमले का आरोप है। हलवारा के एयरफोर्स स्टेशन पर विस्फोटक फेंकने का भी आरोप है।

सुरक्षा एजेंसियों ने KLF के इस खूंखार आतंकी को जेल से फरार होने के 24 घंटे के भीतर ही जेल से धर-दबोचा।

भारत में जेल ब्रेक

भारत में पिछले दो साल में जेल ब्रेक कर 185 कैदी फरार हुए हैं। भोपाल सेंट्रल जेल से कैदी इसी दीपावली की रात 8 खूंखार कैदी फरार हुए थे, सभी आतंकी 8 घंटे के भीतर ही एनकाउंटर में मारे गए।

2014 में 16 जेल ब्रेक के मामले सामने आए, जिनमें 96 कैदी फरार हुए। वहीं, 2015 में जेल ब्रेक के 26 मामलों में 89 कैदी फरार होने में कामयाब रहे।

भारत में कुल 1401 जेल हैं, जिनमें 4 लाख 19 हजार से अधिक कैदी बंद हैं। जबकि, इन जेलों में कैदियों रखने की क्षमता करीब 3 लाख 66 हजार है।

 







The short URL of the present article is: http://sachjano.com/9RdDW