जब तीन पाकिस्तानी फौजियों का सिर काटकर लाए थे भारतीय सैनिक

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जब तीन पाकिस्तानी फौजियों का सिर काटकर लाए थे भारतीय सैनिक: एक #SurgicalStrike की पूरी कहानी

ये कहानी रौंगटे खड़े कर देने वाली है। जिस तरह से 28 सितंबर की रात भारत की फौज ने एलओसी पार कर आतंकियों के लॉन्चपैड्स पर तबाही मचाई थी वैसा ही कुछ 30 अगस्त 2011 की सुबह भी हुआ।इसका खुलासा अंग्रेजी अखबार The Hindu ने किया है। पूरी कहानी पढिए-

किस बात का लेना था बदला ?

30 जुलाई 2011 की दोपहर में पाकिस्तान की बॉर्डर एक्शन टीम BAT ने कुपवाड़ा के गूगलधार इलाके की एक चौकी पर अचानक हमला बोल दिया। उस वक्त चौकी पर राजपूत और कुमाऊ रेजिमेंट के 6 जवान थे। अचानक हुए इस हमले के बाद पाकिस्तानियों ने भारत के दो फौजी हवलदार जयपाल सिंह अधिकारी और लांस नायक देवेंद्र सिंह के सिर काट दिए। दोनों ही 20 कुमाउं  के थे। इस वारदात से पूरी फौज का खून खौल उठा। और इसका बदला लेने की तैयारी शुरू हो गई ।

कैसे हुई बदला लेने की तैयारी?

बदले के भारतीय फौज ने ऑपरेशन जिंजर की तैयारी शुरू कर दी। पाकिस्तानियों के अड्डों का पता करने के लिए सात UAVs काम पर लगाए गए। उनके जरिये कई तस्वीरें मिली। इन तस्वीरों का गहरा अध्ययन किया गया। इसके बाद भारतीय फौज ने पीओके के नक्शे पर तीन जगह लाल निशान लगा दिए । पहला पुलिस चौकी, दूसरा ‘जोर’ नाम की जगह के पास आर्मी पोस्ट और तीसरा हिफाजत और लश्दत नाम के लॉजिंग पॉइन्ट।

भारतीय कमांडो कैसे घुसे #POK में?

30 अगस्त, मंगलवार। ईद से एक दिन पहले। ये दिन इसलिए चुना गया कि तब ज्यादातर पाकिस्तानी छुट्टी के मूड में थे। ऐसे मौके पर जवाबी कार्रवाई की आशंका बहुत कम होती है। 25 भारतीय कमांडो एक दिन पहले ही यानी 29 अगस्त को सुबह तीन बजे उस जगह पर पहुंच गए जहां से उन्हें पाकिस्तानी कब्जे वाले इलाके में दाखिल होना था। रात 10 बजे तक वो वहीं छिपे रहे। इसके बाद रात के अंधेरे में उन्होंने पैदल और रेंगते हुए एलओसी पार की । सुबह चार बजे तक भारत के पैरा कमांडो दुश्मन के अड्डों के करीब थे। लेकिन हमला करने से पहले अभी कुछ और तैयारियां करनी बाकी थी।

कैसे हुई #SurgicalStrike ?

कमांडो सैटेलाइट कम्यूनिकेशन के जरिये अपने अफसरों के संपर्क में थे। हमला करने से पहले उन्हें बारूदी सुरंगें बिछाने का आदेश मिला। पैरा कमांडोज ने इलाके में बारूदी सुरंगे बिछा दी। अब इंतजार था दुश्मन के उस जगह पर पहुंचने का। सुबह सात बजे कमांडोज ने देखा कि कि चार पाकिस्तानि फौजी एक जेसीओ की अगुवाई में उस इलाके की तरफ बढ़ रहे हैं। उन्हें देखते ही कमांडोज ने बारूदी सुरंगें उड़ा दी। उसके बाद हैंड ग्रेनेड औऱ बंदूकों से हमला शुरू कर दिया। चार में से तीन फौजी वहीं ढेर हो गए। एक पाकिस्तानी धमाके में उड़कर पास बह रही एक नदी में जा गिरा। भारतीय कमांडोज ने इन तीनों पाकिस्तानियों के सिर काटे और उनकी तीन एक 47 राइफलें लेकर वापस लौटने की तैयारी शुरू कर दी।

कैसे लौटे वापस ?

ऑपरेशन सिर्फ 45 मिनट में खत्म हो गया था। यानी 7 बजकर 45 मिनट तक कमांडोज का काम पूरा हो चुका था। इलाके में रोशनी हो गई थी। बगैर देर किए कमांडोज ने अलग अलग ग्रुप में वापस लौटना शुरू कर दिया। पहला ग्रुप 12 बजे तक एलओसी के इस तरफ पहुंच चुका था। बाकियों को पहुंचते पहुंचते दोपहर के ढाई बज गए।

किन पाकिस्तानियों के सिर काटे ?

जिन तीन पाकिस्तानियों के सिर काटकर भारतीय फौजी लाए थे उनके नाम थे- सुबेदार परवेज़, हवलदार आफताब और नायक इमरान।

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