खत्म होगा झोलाछाप राजनीतिक दलों का खेल!

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चुनाव आयोग ने ऐसे राजनीतिक दलों के खिलाफ सख्ती का फैसला किया है, जो चुनाव नहीं लड़ते। लेकिन, राजनीतिक दलों के नाम पर मिलने वाली सभी सुविधाओं का पूरा फायदा उठाते हैं। चुनाव आयोग ने ऐसे करीब 200 पार्टियों की लिस्ट CBDT यानि केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड को भेजने वाला है। चुनाव आयोग को शक है कि कागजी राजनीतिक दलों ने कालेधन को सफेद करने का काम किया है।

कागजी राजनीतिक दलों का खेल

कई ऐसी राजनीतिक पार्टियों की पहचान की गई है, जिन्होंने पिछले कई सालों से चुनावी प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लिया। ऐसी कागजी राजनीतिक पार्टियों के खातों में भी बड़े पैमाने पर लेन-देन चल रहा है। कुछ कागजी पार्टियों ने तो पिछले कई साल का इनकम टैक्स रिटर्न तक चुनाव आयोग को नहीं भेजा है। आयोग पहले ही साफ कर चुका है कि राजनीतिक दल का रजिस्ट्रेशन करवा कर ब्लैक मनी को व्हाइट करने का खेल अब नहीं चलेगा।

देश में कितने राजनीतिक दल?

evmदेशभर में 1786 पार्टियों ने चुनाव आयोग में रजिस्ट्रेशन करवाया है। जिसमें से 7 पार्टियों को राष्ट्रीय दल के रुप में मान्यता प्राप्त है। 58 पार्टियों को राज्य स्तरीय पार्टी का दर्जा हासिल है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, करीब 400 पार्टियों ने 2005 के बाद से कोई चुनाव नहीं लड़ा है।

राजनीतिक दल होने का फायदा

राजनीतिक दलों को कई तरह की छूट और सुविधाएं मिलती हैं। राष्ट्रीय राजनीतिक दलों को मिलने वाली छूट और सुविधाओं का दायरा बहुत बड़ा है। चुनाव आयोग में राजनीतिक पार्टी के तौर पर रजिस्ट्रेशन करवाने वाले हर दल को इनकम टैक्स कानून के तहत चंदा से होने वाली आमदनी पर छूट मिलती है। राजनीतिक दलों को चंदे पर कोई टैक्स नहीं देना पड़ता है।

मौजूदा कानून के हिसाब से सभी राजनीतिक पार्टियों को अपने इनकम टैक्स रिटर्न में सिर्फ 20 हजार रुपये से ऊपर की रकम का ही स्त्रोत बताना होता है। इस कानून का फायदा उठाते हुए ज्यादातर राजनीतिक दल अपने चंदे का बड़ा हिस्सा 20 हजार रुपये से कम में ही दिखते हैं। जिससे उन्हें चंदे का स्त्रोत नहीं बताना पड़ता है।

किसको कितना चंदा मिला?

marriageएसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स की रिपोर्ट के मुताबिक 20 हज़ार से कम चंदा दिखाने में बीजेपी नंबर बन है। इस साल बीजपी को चंदे से 872 करोड़ रुपए मिले, जिसमें बीजेपी ने 434 करोड़ 67 लाख रुपए का चंदा 20 हजार से कम चंदे के तौर पर बताया।

कांग्रेस को करीब 207 करोड़ रुपए का चंदा मिला। कांग्रेस ने अपने चंदे की कुल रकम में से 65 करोड़ 58 लाख रुपये को 20 हजार से कम वाले हिस्से का दिखाया। बहुजन समाज पार्टी ने तो 92 करोड़ 80 लाख के पूरे चंदे को ही 20 हजार रुपये से कम के तौर पर मिला बताया।

मौजूदा नियमों के मुताबिक से 20 हजार रुपये से कम के चंदे का राजनीतिक दलों को स्त्रोत नहीं बताना पड़ता है और इसी कानून का फायदा कागजी दल कालेधन के सफेद करने के लिए उठा रहे हैं।

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