सऊदी में सत्ता की जंग, भारत में पेट्रोल-डीजल होगा महंगा!

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अगले कुछ दिनों में भारत में पेट्रोल की कीमतें 80 रुपये लीटर तक जा सकती हैं। डीजल के लिए आपको 65 रुपये तक चुकाने पड़ सकते हैं। 2015 के बाद पहली बार अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल 62 रुपये प्रति बैरल के पार निकल गया है। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल की बड़ी वजह तेल उत्पादक सऊदी अरब में सत्ता के लिए संघर्ष और राजकुमारों में एक-दूसरे को निपटाने का घातक खेल माना जा रहा है।

भारत पर कितना असर होगा?

अनुमान लगाया जा रहा है कि जिस रफ्तार से अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ रही हैं, उससे दिसंबर अंत तक कच्चे तेल की कीमतें 65 डॉलर प्रति बैरल के पार जा सकती है, जिसका सीधा असर भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर पड़ेगा।

मोटे अनुमान के मुताबिक, अगर अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 1 डॉलर प्रति बैरल बढ़ती है, तो भारत में पेट्रोल और डीजल करीब 2 रुपये प्रति लीटर महंगा हो जाता है। मतलब, अगर कच्चे तेल की कीमत 5 डॉलर प्रति बैरल बढ़ जाती है तो हिंदुस्तान में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में करीब 10 रुपये महंगा हो जाएगा।

कितना महंगा हुआ कच्चा तेल?

जून 2017 के बाद से अब तक कच्चे तेल की कीमत में 36 फीसदी का इजाफा हुआ है। WTI क्रूड यानी यूएस वैस्ट टैक्सास इंटरमीडिएट की कीमत भी इन दिनों 54.94 डॉलर प्रति बैरल के आसपास है। जून के बाद से WTI क्रूड भी 30 फीसदी महंगा हो चुका है।

दरअसल, ओपेक देशों यानी तेल उत्पादक देशों ने कच्चे तेल का उत्पादन 1.8 मिलियन बैरल तक घटा दिया है। जबकि मांग ज्यादा होने के कारण कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ती जा रही हैं।

सऊदी अरब में सत्ता के लिए संग्राम

सऊद अरब के राजकुमारों में इन दिनों सत्ता के लिए खतरनाक संघर्ष चल रहा है। अब तक भ्रष्टाचार के आरोप में 11 राजकुमारों के जेल में डाल दिया गया है। इसमें से प्रिंस अलवलीग बिन तलाल भी शामिल हैं।

प्रिंस तलाल का सऊदी अरब की तेल कंपनियों पर बहुत अच्छा प्रभाव माना जाता है, उनके पूरी दुनिया भर में कारोबारी रिश्ते भी रहे हैं। ऐसे में माना जा रहा है तेल उत्पादन और निर्यात में अव्वल सऊदी अरब में सत्ता की जंग का असर पूरी दुनिया के तेल बाजार पर पड़ना तय है।

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