पाकिस्तानी आर्मी का फिर कायराना हमला, एक मेजर समेत 4 शहीद

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जम्मू के राजौरी सेक्टर में पाकिस्तानी आर्मी ने फिर पीठ पर वार किया। इस हमले में भारतीय सेना के एक मेजर समेत चार शहीद हो गए। रक्षा सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तानी फौजी एलओसी से करीब 400 मीटर भीतर तक घुस आए और घात लगाकर हमला किया। पाकिस्तानी आर्मी के इस हमले में मेजर मोहरकार प्रफुल्ल अंबादास, लांस नायक गुरमेल सिंह, लांस नायक कुलदीप सिंह और सिपाही परगट सिंह शहीद हुए।

क्या BAT ने किया राजौरी में हमला?

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि LoC के भीतर घुसकर भारतीय फौजियों पर हमला करने में पाकिस्तान की बॉर्डर एक्शन टीम यानी BAT आगे रहती है। जिस तरह से राजौरी में सरहद पार कर भारतीय जवानों पर हमला किया गया, उसके पीछे BAT का ही हाथ समझा जा रहा है। बैट को पाकिस्तान की कसाई ब्रिगेड भी कहा जाता है।

BAT ने अपने ज्यादातर हमलों में भारतीय फौजियों के शवों को क्षत-विक्षत करने का शर्मनाक काम किया है। राजौरी में भारतीय फौज पर हुआ कायराना हमला काफी हद तक BAT के तौर-तरीकों से मेल खाता है।

क्या है पाकिस्तान की कसाईब्रिगेड?

पाकिस्तान की बॉर्डर एक्शन टीम यानी BAT को LoC पर छापामार युद्ध में महारत है। इसे खुफिया इनपुट देने का काम ISI करती है। BAT की टीम आतंकियों के साथ मिल कर अपने ऑपरेशन को अंजाम देती है।

BAT के जवान AK-47 राइफल और विदेशों में बने खास तरह के स्नो क्लोथिंग बूट का इस्तेमाल करते हैं। BAT टीम अपने ऑपरेशन में आतंकियों का इस लिए इस्तेमाल करते हैं ताकि भारतीय सुरक्षाबलों द्वारा पकड़े जाने पर पाकिस्तानी आर्मी उन्हें आराम से अपना मानने से साफ मना कर देती है।

BAT टीम जब ऑपरेशन के लिए निकलती है तो उसके हर जवान के पास हाई एनर्जी फूड, सेटेलाइट फोन, डिजिटल नेविगेशन कॉन्सोल, घातक हथियार रहते हैं। BAT की टीम बेहद प्लानिंग के साथ अपने हर ऑपरेशन को अंजाम देती है।

BAT कमांडोज के ट्रेड करने का काम पाकिस्तान की स्पेशल सर्विस ग्रुप यानी SSG करती है। BAT कमांडोज को करीब 8 महीने की कड़ी ट्रेनिंग दी जाती है। इन्हें पाकिस्तानी एयरफोर्स से चार हफ्ते की एयर वॉर की स्पेशल ट्रेनिंग दिलवाई जाती है।

पाकिस्तानी आर्मी की कसाई ब्रिगेड के तौर पर कुख्यात BAT बॉर्डर के भीतर एक से तीन किलोमीटर भीतर तक घुसकर ऑपरेशन को अंजाम देती है।

कितने भारतीय जवान शहीद हुए?

गृह मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक पाकिस्तान ने इस साल जम्मू कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा पर 725 से ज्यादा संघर्ष विराम का उल्लंघन किया है। जबकि वर्ष 2016 में यह संख्या 449 थी। इस साल अब तक जम्मू-कश्मीर में करीब 80 जवानों की मौत हुई, जवानों की मौत आतंक विरोधी अभियान से लेकर एलओसी पर और बर्फ में दबने से हुई हैं।

 

 

 

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