समंदर में हिंदुस्तान का नया शूरवीर ‘करंज’

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भारतीय नौसेना की ताकत बढ़ाने लिए पनडुब्बी आईएनएस ‘करंज’ पूरी तरह से तैयार है। ‘करंज’ एक स्वदेशी पनडुब्बी है, जो ‘मेक इन इंडिया’ के तहत तैयार की गई है। स्कॉर्पियन श्रेणी की दो पनडुब्बियों ‘कलवरी’ और ‘खांदेरी’ के बाद ‘करंज’ तीसरी पनडुब्बी होगी। ‘करंज’ के इंडियन नेवी में शामिल हो जाने के बाद भारत की समुद्री ताकत में और इजाफा होगा।

भारत की समंदर में सुपर ताकत

स्कॉर्पियन कैटगरी की करंज पनडुब्बी को इस तरह से तैयार किया गया है कि ये दुश्मनों को खोजकर नेस्ताबूत करती है। ये टॉरपीडो और एंटी शिप मिसाइलों से हमला करने में सक्षम है। ये मायावी शक्तियों से भी लैस है यानी बहुत आसानी से दुश्मनों को चकमा देते हुए घेरेबंदी से बाहर निकल सकती है।

करंज किसी भी रडार की पकड़ में नहीं आएगी। मतलब, दुश्मन इसकी मौजूदगी का अंदाजा नहीं लगा सकेंगे। इसके जरिए समंदर से दुश्मनों पर भी नजर रखी जा सकती है। समंदर के अंदर से जमीन पर भी हमला करने में भी सक्षम है। करंज दूसरी पनडुब्बियों के मुकाबले लंबे समय तक पानी के अंदर रह सकती है। क्योंकि, इसमें ऑक्सीजन बनाने की भी क्षमता है।

कितनी ताकतवर है भारतीय नौसेना?

आज की तारीख में भारतीय नौसेना के पास 15 पनडुब्बियां हैं। वहीं, चीन के पास 68 और पाकिस्तान के पास सिर्फ 8 पनडुब्बियां मौजूद हैं। इंडियन नेवी के पास फिलहाल एक एयरक्राफ्ट कैरियर सर्विस में है। चीन यहां बराबरी में है, उससे पास एक एयरक्राफ्टर कैरियर है। इस मामले में पाकिस्तानी नौसेना खाली हाथ है।

भारतीय नौसेना के पास लड़ाकू जलपोतों की संख्या 23 है, जो समुंदर में हिंदुस्तानी सरहद की रक्षा में तैनात हैं। वहीं, चीन के पास ऐसे 35 जंगी युद्धपोत हैं तो पाकिस्तानी नौसेना के पास एक भी लड़ाकू युद्धपोत नहीं है।

सरहद की निगहबानी के लिए भारतीय नौसेना के पास 139 निगरानी जहाज हैं तो चीन के पास ऐसे जहाजों की संख्या करीब 200 है। वहीं, पाकिस्तान के पास सिर्फ 17 निगरानी जहाज हैं।

युद्धपोत और पनडुब्बियों की संख्या के मामले में भारतीय नौसेना चीन से थोड़ी पीछे और पाकिस्तान से बहुत आगे हैं। लेकिन, रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि चीनी नौसेना में शामिल ज्यादातर युद्धपोतों और पनडुब्बियां उतने ताकतवर नहीं हैं, जितना चीन दावा करता है।

 

 

 

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