उनके तीन मरते हैं..हमारे सात शहीद हो जाते हैं..आतंकवादियों से ज्यादा फौज को क्यों हो रहा है नुकसान?

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पठानकोट, पाम्पोर, उरी औऱ अब नारगोटा। एक छोटे ग्रुप में आतंकवादी फौजी इलाकों में दाखिल होते हैं। कुछ लोगों को बंधक बनाने की कोशिश करते हैं। काफी देर तक सुरक्षा बलों को उलझाए रखते हैं। और सैन्य ठिकानों की रक्षा करते हुए फौजियों को शहादत देनी पड़ती है। ये ट्रेंड बेहद खतरनाक होता जा रहा है। एक साल में आतंकवादियों ने चार बार सुरक्षा बलों पर हमला बोलकर इतना बड़ा नुकसान पहुंचाया है कि उसकी भरपाई में काफी समय लग सकता है।

कितने आतंकवादी मरे, कितने फौजी शहीद हो गए?

  • 2016 के पहले दिन ही देश एक खतरनाक आतंकवादी हमले का सामना कर रहा था। पठानकोट के एयरबेस में पाकिस्तानी आतंकी दाखिल हो चुके थे। 2 जनवरी की सुबह से 5 जनवरी तक आतंकवादियों के खिलाफ ऑपरेशन चला। लेकिन इस पूरी कार्रवाई में सेना के 7 लोगों को जान से हाथ धोना पड़ा। जबकि मारे गए आतंकवादियों की संख्या सिर्फ 4 थी। चार आतंकवादियों ने देश के सबसे महत्वपूर्ण एयरबेस में से एक को तीन दिन तक दहला कर रखा और देश में राजनीतिक-सामरिक-कूटनीतिक उथल पुथल का माहौल बना दिया।
  • इसी साल 25 जून को दोपहर करीब चार बजे पम्पोर में तीन या चार आतंकवादियों ने सीआरपीएफ के काफिले पर घात लगाकर हमला किया। करीब 40 सीआरपीएफ के लोगों को ले जा रही बस एके 47 औऱ ग्रेनेड से लैस आतंकवादियों का निशाना बनी। सीआरपीएफ के 8 जवान मारे गए 20 से ज्यादा घायल हुए। जवाबी कार्रवाई में 2 आतंकवादी मारे गए और बाकी भाग गए।

 

पठानकोट हमला चार आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में फौज के सात शहीद
पम्पोर हमला 2 आतंकवादी मारे गए, सीआरपीएफ के 8 लोग शहीद
उरी हमला 4 आतंकवादियों को मार गिराया, 19 फौजी शहीद
नागरोटा तीन आतंकवादी ढेर, 2 अफसरों समेत 7 फौजी शहीद

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18 सितंबर 2016 को उरी के आर्मी कैम्प पर हुआ हमला हिला देने वाला था। पिछले दो दशक में सेना पर ऐसा आतंकवादी हमला नहीं हुआ था। चार आतंकवादियों ने सुबह सुबह सेना के कैम्प पर ग्रेनेड फेंके। इस हमले से कैम्प के प्रशासनिक टैन्ट्स में आग लग गयी।17 जवान झुलस कर मर गए। जबावी कार्रवाई में चारों आतंकवादी मारे गए। लेकिन एनकाउंटर खत्म होने तक सेना के 19 जवान शहीद हो चुके थे औऱ करीब 30 घायल थे।

  • 29 नवंबर को जम्मू के नागरोटा में आतंकवादी सेना के कैम्प में घुसे और फायरिंग करते हुए ऑफिसर्स मैस में दाखिल हो गए। आतंकवादियों ने दो महिला, दो बच्चे औऱ 12 सैनिकों को घेर लिया। कई घंटों तक चले ऑपरेशन में तीन आतंकवादी मारे गए लेकिन सेना के दो अफसर के अलावा पांच जेसीओ और जवान भी शहीद हो गए।

 

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