एक मामूली मच्छर आतंकियों से ज्यादा खतरनाक है!

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एक मामूली मच्छर आपका कितना नुकसान करता है? दुनियाभर में कितने लोगों की मौत की वजह बनता है? क्या डंक मारने वाला मच्छर AK-47 और बम-बारुद से लैस आतंकियों से ज्यादा खतरनाक है? विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO के आंकड़ों के मुताबिक, सिर्फ मलेरिया से ही पिछले साल दुनिया भर में 4.29 लाख मौतें हुईं। खतरनाक मच्छर पर sach jano की पूरी रिसर्च…

मलेरिया से हर साल कितनी मौत?

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल भारत में सिर्फ मलेरिया से करीब सवा करोड़ लोग पीड़ित हुए, जिसमें से 26 हजार लोगों के मारे जाने का अऩुमान है।  ताजा रिपोर्ट में सिर्फ मलेरिया का जिक्र है। अगर डेंगू, चिनकगुनिया को भी जोड़ दिया जाए तो ये आंकड़ा और बढ़ जाएगा। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में पिछले साल दुनियाभर में 21.2 करोड़ लोगों के मलेरिया से प्रभावित होने का अनुमान है। इस दौरान दुनियाभर में 4.29 लाख लोगों की जान चली गयी।

मलेरिया से भारत को कितना नुकसान?

mosquito-splमलेरिया के दौरान कोई भी मरीज कम से कम 15 दिनों तक बिस्तर पर रहता है। इस दौरान मामूली से मामूली इलाज पर भी करीब 4 से 5 हजार रुपये खर्च होते हैं। बीमारी के दौरान 15 दिनों की मजदूरी का नुकसान अलग। मतलब,

अस्पताल में इलाज का खर्च= 5000 रुपये

15 X 300 रुपये = 4500 रुपये

इलाज पर खर्च +  मजदूरी का नकसान = 9500 रुपये

संयुक्त राष्ट्र के अनुमान के मुताबिक, भारत में पिछले साल सिर्फ मलेरिया से करीब सवा अरब लोग पीड़ित रहे। अगर एक करोड़ लोगों ने भी मलेरिया के दौरान अपना अस्पताल में इलाज करवाया और उनकी मजदूरी को हुए नुकसान को भी जोड़ दिया जाए तो मच्छर हर साल देश को करीब 9500 करोड़ की डंक मार कर चला जाता है।

डेंगू और चिकनगुनिया से भी करीब हर साल 10 हजार करोड़ का आर्थिक नुकसान हो रहा है। दुनिया के करीब 35% डेंगू केस भारत में ही हो रहे हैं।

क्या मलेरिया पर WHO का अनुमान गलत है?

भारत सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, देश में मलेरिया से मरने वालों की तादाद सिर्फ 384 है। मतलब, WHO के अनुमान और भारत सरकार के आंकड़ों में 67 गुना का फर्क है। केंद्र सरकार का दावा है कि पिछले साल देश में 11.62 लाख लोगों को मलेरिया हुआ। मलेरिया के मरीजों की तादाद के मामले में भी WHO और केंद्र सरकार के अनुमान में करीब 11 गुना का अंतर है। इस बात की भी पूरी संभावना है कि दूर-दराज के इलाकों में होने वाले और प्राइवेट डॉक्टरों से इलाज करवाने वाले ज्यादातर मामले सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज नहीं होते।

आतंकियों से ज्यादा खतरनाक मच्छर!

पूरी दुनिया में 300 करोड़ लोग मलेरिया प्रभावित या मलेरिया के खतरे वाले इलाकों में रहते हैं। जबकि, आतंकवाद से प्रभावित देशों में रहने वाले लोगों की तादाद 238 करोड़ है। सिर्फ मलेरिया से ही जहां दुनियाभर में 4.29 लाख लोगों की मौत हुई तो आतंकी हमलों में 28,328 लोग मारे गए। भारत में 2011-16 के बीच आतंकी हमलों में करीब 5 हजार लोगों की जान गयी, हर साल औसत एक हजार लोगों की मौत। वहीं, देश में मच्छरों से होनेवाली मौत का आंकड़ा कई गुना ज्यादा है। मतलब, मलेरिया, चिनकगुनिया और डेंगू जैसी बीमारियां आतंकवाद से बहुत ज्यादा खतरनाक हैं।

 

 

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