मोदी की सर्जिकल स्ट्राइक से कश्मीर में कितना पैसा जमा हुआ….

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8 नवंबर रात 8 बजे दिल्ली से ब्लैकमनी पर हुई सर्जिकल स्ट्राइक का असर कश्मीर में साफ नजर आ रहा है। हालांकि पिछले तीन चार हफ्ते से ही कश्मीर में हालात ठीक हो रहे थे, www.sachjano.com  ने कुछ दिनों पहले ही बताया था कि घाटी में हालात सामान्य हो रहे हैं। दो हफ्ते पहले यहां चार महीने में पहली बार शुक्रवार को कर्फ्यू हटाया गया था। और नोटबंदी के फैसले के बाद कश्मीर से हिंसा की कोई बड़ी खबर नहीं आई है।




8 नवंबर के बाद क्या हुआ कश्मीर में?

माना जा रहा है कि जम्मू कश्मीर में चार दिनों में करीब 5000 करोड़ रुपए बैंकों में जमा हुए हैं। जम्मू कश्मीर बैंक के मुताबिक केंद्र सरकार की तरफ से राज्य के बैंकों को निर्देश है कि वो जमा रकम को लेकर अभी जानकारी का खुलासा ना करें। अकेले जम्मू कश्मीर बैंक में करीब 2500 करोड़ रुपए जमा होने की खबर है। जमा हुई रकम का 40 फीसदी हिस्सा कश्मीर से 60 फीसदी हिस्सा जम्मू से आया है।




केंद्र और राज्य की है हर खाते पर नज़र

पूरे देश में निजी खातों में जमा हो रही ढाई लाख से ज्यादा की रकम पर इनकम टैक्स के अफसरों की नजर है लेकिन जम्मू कश्मीर में हर एक खाता राज्य औऱ केंद्र की एजेंसियों के लिए खास मायने रखता है। आतंकवाद से प्रभावित इस राज्य में व्यक्तिगत खातों पर इनकम टैक्स और सुरक्षा बलों की कड़ी नजर है। स्थानीय मीडिया के मुताबिक इनकम टैक्स, आईबी, ईडी के अलावा राज्य पुलिस की सीआईडी औऱ सीआईके के लोग हर लेने देन पर नजर रखे हुए हैं। माना जाता है कि कश्मीर में बड़ी तादाद में हवाला औऱ नकली करेंसी का धंधा होता है, और इसका इस्तेमाल अलगाववादी गतिविधियों में किया जाता है। रक्षा मंत्री मनोहर परिक्कर ने सोमवार को एक कार्यक्रम में कहा कि नोटबंदी के चलते अब टेरर फंडिंग नहीं होगी और अब कश्मीर में 500 रुपए को लेकर पत्थरबाजी भी नहीं होगी।

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इस बार गलत इनकम दिखाना मुश्किल

माना जाता है कि जम्मू कश्मीर में प्रॉपर्टी डीलर, टूर ऑपरेटर, रेस्त्रां और होटल मालिक, इनकम टैक्स जमा नहीं करते और उन पर कोई बड़ी कार्रवाई भी नहीं होती लेकिन इस बार इन सबकी शामत है। पिछले चार महीनों से कश्मीर अशांत है। इस दौरान पर्यटन का काम लगभग ठप था। अगर कोई इस दौरान की इनकम को बहुत ज्यादा दिखाता है तो उसको इसका सबूत देना पड़ेगा। ऐसे में इनकम टैक्स के बचने के रास्ते बहुत कम हैं।

 

 




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