दीवालिया बिल्डर से परेशान लोगों के हर सवाल के जवाब

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जेपीइंफ्राटैक को दीवालिया घोषित करने की प्रक्रिया के तहत इंसोल्वेंसी रिजोल्यूशन प्रोफेशनल अनुज जैन को बिल्डर का बिजनेस संभालने को दिया गया है। जैन ने उन सब सवालों के जवाब देने की कोशिश की है जो जेपी इंप्राटैक का हर बायर जानना चाहता है। इन सवालों के जवाब से उन बिल्डर्स के ग्राहकों को भी मदद मिलेगी जो अभी दीवालिया होने की कगार पर खड़े हैं।

सवाल 1:  फ्लैट खरीदार फाइनेंशियल कर्जदार हैं, या ऑपरेशनल या कोई और श्रेणी के कर्जदार

जवाब – ये बायर का जेपी इंफ्राटेक के साथ हुये एग्रीमेंट पर निर्भर करता है। इन्सोलवेंसी रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल कागजातों के आधार पर क्लेम का मुल्यांकन करेगा।

सवाल 2-  फ्लैट बायर को क्लेम लेने के लिये फॉर्म B or फॉप्म C और फॉर्म F भरना होगा ?

जवाब- – वित्तीय कर्जदार को क्लेम के लिये Form C, ऑपरेशनल कर्जदार को Form B, औऱ  दूसरे कर्जदारों को Form F भरना होगा। Insolvency and Bankruptcy Board of India ने फ्लैट खरीदारों के लिये Form F जारी किया है।

अगर फ्लैट बायर ने कोई भी फॉर्म है तो उसके क्लेम को खारिज नहीं किया जाएगा।

सवाल  3: The Insolvency and Bankruptcy Board of India (IBBI) ने Form F 16 अगस्त को जारी किया है। अगर किसी ने 16 अगस्त से पहले कोई और फॉर्म भरा है तो वो क्या करे । 

जवाब – फ्लैट बायर को कोई दूसरा फॉर्म भरने की जरुरत नहीं है।  IRP फ्लैट बायर के क्लेम को उसके कैटगरी में ही consider करेगा।

सवाल  4:  अगर फ्लैट बायर ने गलत फॉर्म तो क्या उसका क्लेम खारिज हो जाएगा। 

जवाब – IRP कोई फॉर्म को खारिज नहीं करेगा।

सवाल  5:  अगर flat buyer क्लेम के सबूत तय समय के भीतर नहीं जमा करा सका तो क्या होगा।  

जवाब – फ्लैट बायर से अनुरोध है कि 24 अगस्त तक क्लैम के लिये अपना फॉर्म जरुर भर कर जमा करे दें।  साथ में लगाने वाले जरुरी कागज बाद में भी resolution plan दाखिल करने के पहले जमा किया जा सकते हैं।

सवाल  6: क्या क्लेम के फॉर्म भरने की तारीख को बढ़ाया भी जा सकता है। 

जवाब – नहीं क्लेम के लिये फॉर्म भरने की तारीख को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।

सवाल  7: क्या फ्लैट बायर बुकिंग कैंसल कर रिफंड मांग सकता है ?

जवाब – Insolvency Resolution proffesional की कोशिश है कि प्रोजेक्ट पर काम चालू रहे । बायर चाहे तो फ्लैट बायर एग्रीमेंट के प्राविजन के तहत कैंसल भी करा सकता है लेकिन Insolvency and Bankruptcy Code, 2016 के नियमों के तहत।

सवाल  8:  अगर फ्लैट बनकर तैयार है पर possession letter नहीं मिला तो भी क्या केलम फॉर्म भरना होगा ?

जवाब – सभी फ्लैट बायर्स को सुझाव है कि वे अपना क्लेम फॉर्म जरुर भरें।

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सवाल  9:  फ्लैट बायर जिन्हें occupancy rights मिल चुका है उन्हें भी क्या क्लेम के लिये फॉर्म भरना होगा?

जवाब – फ्लैट बाय़र जिन्हें पजेशन मिल चुका है उनका कोई बकाया नहीं है उन्हें क्लेम फॉर्म भरने की जरुरत नहीं है।

सवाल  10:  क्या फॉर्म या क्लेम के लिये प्रूफ ऑफ क्लेम नहीं देने पर फॉर्म खारिज तो नहीं हो जाएगा ?

जवाब  –  क्लेन खारिज नहीं होगा लेकिन क्लेम वेरिफाई करने के लिये प्रूफ ऑफ क्लेम जमा कराना बेहतर रहेगा। प्रूफ resolution plan के फाइल करने से पहले कभी भी जमा कराया जा सकता है।

सवाल  11 –  क्लेम फॉर्म IRP तक कैसे जमा होगा ?

जवाब  – सभी क्लेम करने वाले चाहे बैंक्स, बायर इस ईमेल पर  IRPJIL@bsraffiliates.com पर मेल कर सकते हैं।  या पोस्ट करें Mr. Anuj Jain, C/o BSRR & CO., Chartered Accountants, 8th Floor, Building No. 10, DLF Cyber City, Gurgaon, 122002.

किसी को दफ्तर जाने की जरुरत नहीं है।

सवाल  12:  क्या जो फ्लैट बायर विदेश में रहते हैं वो ईमेल के जरिये फॉर्म भरकर भेज सकते हैं। 

जवाब  – बिलकुल जो लोग विदेश में है वो ईमेल के जरिये क्लेम फॉर्म भेज सकते हैं।

सवाल 13: जो फ्लैट बायर विदेश में है उन्हें भी क्या उन्हें भी हलफनामा को नोटरी से  सत्यापित कराना होगा

जवाब  – जी हां, उन्हें नोटरी से हलफनामा बनवाना होगा।

सवाल  14:  क्या क्लेम लेने वाले अपने नुमाइंदा किसी को बना सकते हैं

जवाब  – हां, लेकिन वैलिड अथारिटी या पावर ऑफ अटार्नी होना चाहिये।

सवाल 15: क्या supporting documents of proof लगाने की जरुरत है क्लेम फॉर्म के साथ ?

जवाब  – Documents जैसे allotment letter, receipts etc या फिर जो कंपनी ने भेजा हो।

सवाल  16:  जो मुकदमे प्लैट बायर की तरफ से कोर्ट में दाखिल हुये हैं  उनका क्या होगा ?

जवाब – सभी मुकदमे पर सुनवाई Section 14 of IBC के तहत अब नहीं होगी।

सवाल  17: insolvency resolution process क्या है ?

जवाब –  ये  प्रॉसेस कंपनी के कामकाज में सुधार लाने के लिये है, इसका मतलब ये नहीं कि कंपनी को बेचने की कोशिश है।

सवाल  18:  Resolution plan क्या है ?

जवाब – इसका मकसद कंपनी को वित्तीय सकंट  से उबारने की है जिससे कंपनी चलता रहे।

सवाल  19: क्या समय सीमा है इसकी ?

जवाब  – 9 अगस्त से 180 दिन और ज्यादा से ज्यादा 90 दिन और एक्सटेंड किया जा सकता है।

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