जब जयललिता ने अपने फैसले से सबको चौंका दिया…

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जयललिता की छवि एक कड़क प्रशासक की रही। मुख्यमंत्री रहते उन्होंने कभी कड़े फैसले लेने में संकोच नहीं किया। AIADMK यानी उनकी पार्टी में भी कभी कोई उनके फैसलों के खिलाफ खड़े होने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। आपको बताते हैं- जयललिता के कुछ चौकाने वाले फैसले…

फैसला नंबर 1

मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठने के बाद जयललिता ने 21 जून, 2001 को अपने राजनीतिक विरोधी करुणानिधि को आधी रात को जेल में बंद करवा दिया। मीडिया के कैमरों ने पूरी घटना रिकॉर्ड हुई। करुणानिधि को पुलिस घसीट कर ले गयी। हंगामा हुआ। बाद में करुणानिधि को रिहा कर दिया गया। लेकिन, जयललिता ने करुणानिधि से अपना पुराना बदला ले लिया। उनके इस फैसले ने पूरे हिंदुस्तान को दंग कर दिया।




फैसला नंबर 2

2001 में ही जयललिता ने तमिलनाडु में लॉटरी पर बैन लगा दिया। मंदिरों में जानवरों की बलि पर भी रोक लगा दी गयी। हालांकि, तीन साल बाद बलि पर रोक के फैसले पर यू-टर्न ले लिया। साल 2001 में ही हड़ताल पर जाने वाले सूबे के 2 लाख कर्मचारियों को जयललिता ने एक साथ बर्खास्त कर दिया।

फैसला नंबर 3

तमिलनाडु में पहली बार महिला थाना जयललिता ने ही खुलवाया। जहां सिर्फ महिलाओं की ही तैनाती की गई। अनाथ और बेसहारा बच्चियों की जिंदगी में रंग भरने के लिए जयललिता ने क्रैडल बेबी स्कीम शुरू की थी।





फैसला नंबर 4

गरीबों के सस्ता खाना खिलाने के लिए अम्मा कैंटीन की शुरूआत जयललिता ने करवाई। इस कैंटीन में एक रुपये में इडली और पांच रुपये में सांभर-चावल या दही-चावल मिलता है। अम्मा कैंटीन से पूरे तमिलनाडु के गरीबों को सस्ता और पोष्टिक खाना मिल रहा है।

फैसला नंबर 5

इस साल हुए विधानसभा चुनाव में जयललिता ने शराबबंदी का वादा किया था, अपने वादे को पूरा करते हुए उन्होंने पहले फेज में शराब की 500 दुकानों को बंद करने का बड़ा फैसला लिया।







 

 

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