क्या आपको भी मिलेगा इनकम टैक्स का नोटिस? आपके हर लेन-देन का हो रहा है हिसाब

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नोटबंदी के बाद लोगों ने बैंकों में सरकार की उम्मीद से बहुत ज्यादा कैश जमा किया। गरीबों के छोटे खाते यानी जनधन खाते भी नोटों से भर गए। नोटबंदी के बाद से बैंकों में अब तक 11.55 लाख करोड़ रुपये जमा हो चुके हैं। अब सरकार कह रही है कि बैंकों में जमा एक-एक नोट का हिसाब होगा। इनकम टैक्स विभाग लोगों से जमा रकम का स्त्रोत पूछेगा? नहीं बताने पर उसे काला धन मानते हुए कार्रवाई की जाएगी ।

जनधन खातों में कितना काला धन?

noteइनकम टैक्स विभाग ने ऐसी बैंक शाखाओं और क्षेत्रों की पहचान कर ली है, जहां जनधन खातों में बेहिसाब रुपये जमा हुए हैं। ऐसे खातों की जांच भी शुरू हो चुकी है।

इनकम टैक्स ये पता लगा रहा है कि जनधन खातों में किसी बाहरी व्यक्ति ने पैसा तो नहीं जमा करवाया है। जनधन खातों में दूसरों का पैसा नहीं जमा करवाने को लेकर सरकार की ओर से आगाह करने के बाद छोटे खातों में पैसे जमा करने की रफ्तार बहुत कम हो गयी।



नोटबंदी के ऐलान के बाद 8 से 15 नवंबर तक पहले हफ्ते में जनधन खातों में 20,206 करोड़ रुपये जमा हुए। 16 से 22 नवंबर के बीच 11,347 करोड़ रुपये जमा करवाए गए। वहीं, 23 से 30 नवंबर के बीच 4867 करोड़ रुपये आए । पहली दिसंबर को जनधन खातों में 410 करोड़ रुपये जमा हुए तो 2 दिसंबर को सिर्फ 389 करोड़ रुपये ।

किसको मिलेगा इनकम टैक्स का नोटिस?

सरकार की नजर सिर्फ जनधन खातों वालों पर ही नहीं, बैंकों में जमा एक-एक नोट पर है। हर खाते पर है। दरअसल, इनकम टैक्स ने जांच के लिए कई पैमाने बनाए हैं। उनमें से कुछ हैं…

  1. रिटर्न फाइल न करने वाले खातों में मोटी रकम कैसे जमा हुई?
  2. इनकम टैक्स और खाते में जमा अंतर को भी बारीकी से देखा जा रहा है

3.क्या खाते में पैसा जमा कर दोस्तों या रिश्तेदारों की मदद की गयी है?

  1. संदिग्ध ट्रांजैक्शन में विक्रेता या जमा करने वाले से सोर्स की जानकारी मांगी जा सकती है। किसी दूसरे के जरिए किए गए ट्रांजेक्शन में नाम आने पर इन सभी जानकारियों का मिलान किया जा सकता है।

5.अगर आप नोटबंदी के बाद तय सीमा के भीतर पैसा जमा करते हैं तो भी ध्यान रखें की जमा किया गया पैसा पूरे साल की आय में जोड़ा जाएगा। अगर जमा रकम औसत आय से अधिक बैठती है, तो आपको नोटिस आ सकता है।







 

 

 

 

 

 

 

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