नोटबंदी के बाद हिंदुस्तान आने वाले सैलानियों की संख्या बढ़ी

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नोटबंदी को लेकर हिंदुस्तान में भले ही लोग कैश के लिए बैंकों के बाहर लाइन में खड़े हों…ATM कैशलेस हों। लेकिन, भारत आने वाले सैलानियों पर नोटबंदी का कोई असर नहीं पड़ा है। कैश की किल्लत के बावजूद विदेशी पर्यटकों की तादाद में भारी बढ़ोत्तरी हुई है। नोटबंदी के बाद भारतीय पर्यटन कारोबार की कमाई दुनिया के पर्यटन कारोबार से डेढ़ गुना अधिक हुई है।

कितने विदेशी पर्यटक भारत आए?

नोटबंदी से पहले अक्टूबर महीने में 8 लाख 18 हजार विदेशी पर्यटक हिंदुस्तान आए। लेकिन, नवंबर महीने में हिंदुस्तान आने वाले सैलानियों की तादाद बढ़कर 8 लाख 73 हजार हो गयी। मतलब, भारत आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या में 7.43% की बढ़ोत्तरी।

अक्टूबर में देशी पर्यटकों की तादाद 7 लाख 43 हजार थी। नोटबंदी के बाद देशी पर्यटकों की संख्या 8 लाख 30 हजार हो गई। मतलब, देशी पर्यटकों की तादाद में करीब 11% की बढ़ोत्तरी।

कहां-कहां से आए विदेशी सैलानी?

tourist1नोटबंदी के बाद सबसे ज्यादा सैलानी अमेरिका से भारत आए। उसके बाद ब्रिटेन और बांग्लादेश के लोगों ने हिंदुस्तान का रुख किया। नवंबर में आने वाले पर्यटकों में 15.53% अमेरिकी थे। वहीं, 11.21% यात्री ब्रिटेन से आए। 10.72% यात्री बांग्लादेश और 4.66% यात्री कनाडा से हिंदुस्तान आए।

32% से ज्यादा सैलानी सीधे दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरे। दूसरे नंबर मुंबई रहा, जहां 18% से अधिक सैलानी पहुंचे। उसके बाद चेन्नई और बेंगलुरु का रहे।

कैशलेस की राह पर पर्यटन कारोबार

पहले भारत में विभिन्न पर्यटन स्थलों पर ई टिकट लेने वालों की तादाद करीब 30 लाख थी। लेकिन, नोटबंदी के बाद से ई टिकट लेने वालों की संख्या बढ़ कर 1 करोड़ 81 लाख हो गई है। हिंदुस्तान में धार्मिक स्थलों पर पहुंचने वालों की तादाद में भी एकाएक बढ़ोत्तरी हुई है।

इस साल नवंबर में भारत आने वाले विदेशियों से फॉरेन एक्सचेंज अर्निंग 14474 करोड़ रुपये हुई, जो पिछले साल 12649 करोड़ रुपये थी।

 

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