डोकलाम में चीन युद्ध की तैयारी कर रहा है!

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चीनी हुक्मरानों की नींद पिछले 5-6 महीने से गायब है। बीजिंग में बैठे राष्ट्रपति शी जिंगपिंग और आर्मी के टॉप कमांडर इस बात को भुला नहीं पा रहे हैं कि भारतीय फौज ने किस तरह से डोकलाम में चीनी की बड़ी फौज को पीछे हटने पर मजबूर दिया। सैटेलाइट से मिली तस्वीरों के आधार पर दावा किया गया है कि डोकलाम में चीन अपनी सेना को मजबूत बनाने के लिए दिन-रात एक किए हुए है। हेलीकॉप्टर उतारने के लिए हेलीपैड से लेकर टैंकों के खड़े होने के लिए जगह तक बनाया जा रहा है। बॉर्डर पर चीन की तैयारियों को लेकर sachjano.com की पूरी रिसर्च ।

डोकलाम में चीन की चाल

सैटेलाइट इमेज के आधार पर रिटायर्ड कर्नल विनायक भट्ट ने दावा किया है कि डोकलाम क्षेत्र के उत्तरी हिस्से में चीन सात हेलीपैड बना चुका है। कर्नल भट्ट को सैटेलाइट तस्वीरों के विश्लेषण में माहिर माना जाता है।

तस्वीरों के आधार पर दावा किया गया है कि उत्तरी डोकलाम में पीपल्स लिब्रेशन आर्मी के करीब 1600 जवान तैनात हैं। तस्वीरों में कंक्रीट की कुछ चौकियां, साल हेलीपैड और दर्जन भर हथियारों से लैस गाड़ियां दिख रही हैं। इस इलाके में दो छोटे टैंकों के पार्किंग का इंतजाम भी किया गया है।

चीन ने निगरानी के लिए दो ऊंचे टावर भी तैयार किए हैं, जिनकी उंचाई कम से कम 10 मीटर हो सकती है। चीन ने उत्तरी डोकलाम में जिस तरह के हेलीपैड बनाए हैं, उन पर चीनी सेना में शामिल सबसे बड़े हेलीकॉप्टर भी आसानी से उतर सकते हैं। मतलब, चीन डोकलाम में लगातार अपनी फौज को मजबूत करने में जुटा हुआ है।

डोकलाम ने क्यों उड़ाई चीन की नींद?

पिछले साल चीनी आर्मी ने डोकलाम सेक्टर में सड़क निर्माण की कोशिश की। 16 जून, 2017 को भारतीय फौज ने चीनी सेना के इरादों पर पानी फेर दिया। 73 दिनों तक भारत और चीन की सेनाएं आमने-सामने रहीं। भारतीय फौज के दबाव में चीनी फौज को पीछे हटना पड़ा। अब चीन इस सेक्टर में अपनी फौज को मजबूत करने के लिए दिन-रात जुटा हुआ है।

डोकलाम में भारत से क्यों डरता है चीन?

  1. डोकलाम में भारत की स्थिति चीन से 9 गुना मजबूत है। जहां भारतीय फौज खड़ी है, वहां युद्ध के लिए चीन को भारत के एक सैनिक के मुकाबले कम से कम 9 सैनिक खड़े करने होंगे।
  2. भारत और चीन की भौगोलिक स्थिति में भारतीय फौज का पलड़ा भारी है। किसी भी टकराव की स्थिति में अभी चीनी लड़ाकू विमानों को चोंग डू मिलिट्री बेस से उड़ान भरना होगा। मतलब, चीनी लड़ाकू विमान ज्यादा विस्फोटक और ईंधन लेकर उड़ने में सक्षम नहीं होंगे। भारतीय वायु सेना ने असम के तेजपुर में सुखोई 30 का बेस बनाया है। युद्ध की स्थिति में भारतीय वायुसेना के विमान तेजपुर से तेजी से उड़ान भर सकेंगे और चीन के इलाके में तबाही मचा देंगे।
  1. पिछले कुछ वर्षों में भारत ने चीन से लगी सरहद खासतौर से नॉर्थ ईस्ट में अपनी स्थिति बहुत मजबूत कर ली है। आज की तारीख में नॉर्थ ईस्ट में सेना की तीन कोर यानी करीब 3 लाख जवान तैनात हैं। पहले जहां कंपनियां यानी 100 जवान खड़े किए गए थे, वहां आज पूरी ब्रिगेड यानी हर तरह के हथियारों से करीब 3000 जवान मोर्चा लिए हुए हैं।

चीन जानता है कि भारत से निपटना आसान नहीं है। इसीलिए, डोकलाम सेक्टर में अपनी सेना को हर तरह से मजबूत कर रहा है। बॉर्डर एरिया में ज्यादा से ज्यादा हैलीपैड बना रहा है, जिससे कम समय में ज्यादा से ज्यादा जवानों को मोर्चे पर पहुंचाया जा सके।

 

 

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