काला धन सफेद करने का बड़ा रैकेट…कितनों को पकड़ेगा इनकम टैक्स?

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काले धन को सफेद करने के लिए जब जून में सरकार ने इनकम डिक्लेरेशन स्कीम-2016 लेकर आई तो इनकम टैक्स विभाग को 440 वोल्ट का झटका देने वाली भी कुछ घोषणाएं हुईं। मुंबई से एक परिवार ने 2 लाख करोड़ रुपये की बेहिसाब दौलत की घोषणा की तो अहमदाबाद के महेश शाह ने 13860 करोड़ रुपये की। महेश तो इनकम टैक्स की रेंज में आ चुके हैं। लेकिन, मुंबई से 2 लाख करोड़ घोषित करने वाले सईद परिवार का कोई अता-पता नहीं है। अब सवाल उठता है कि आखिर शाह और सईद परिवार ने इनकम डिक्लेरेशन स्कीम- 2016 के तहत इतनी बडी रकम की घोषणा क्यों की?




2 लाख करोड़ रुपये की फर्जी घोषणा क्यों?

मुंबई के बांद्रा के एक फ्लैट में रहने वाले अब्दुल रजाक मोहम्मद सईद, उनकी बीवी रुकसाना, बेटा मोहम्मद आरिफ और बेटी नूरजहां ने 2 लाख करोड़ रुपये की घोषणा इनकम डिक्लेरेशन स्कीम-2016 के तहत किया। सईद परिवार के चार सदस्यों में से तीन का पैन नंबर अजमेर के पते पर जारी हुआ है।

सूत्रों के मुताबिक, बांद्रा का जो पता मुंबई के सईद परिवार ने अपनी काली कमाई को सफेद करने के लिए दिया है, वहां इस नाम का कोई शख्स नहीं रहता है। बांद्रा के जिस फ्लैट का पता दिया गया है, वो पिछले सात साल से खाली है।  मतलब, इनकम टैक्स विभाग को गलत जानकारियां दी गयी हैं।

ऐसे में सवाल उठता है कि क्या सईद परिवार ने भी कमीशन पर काले धन को सफेद करने के लिए 2 लाख करोड रुपये की बेहिसाब दौलत का ऐलान किया था? मतलब, सईद परिवार को पूरा भरोसा होगा कि काली कमाई वाले नेता, अफसर और कारोबारियों से इतनी ब्लैकमनी उसके पास आएगी और वो अपने नाम के इस्तेमाल के बदले मोटा कमीशन वसूलेगा। मतलब, सईद के पास कालाधन सफेद करवाने वालों की एक लंबी-चौड़ीन लिस्ट भी होगी।

महेश शाह का पुराना खेल !

mahesh-shahअहमदाबाद के महेश शाह ने भी 13,860 करोड़ रुपये के कालेधन को सफेद करनी अर्जी लगाई थी। अहमदाबाद के मंगलज्योत अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 206 में पिछले दस साल से महेश शाह रह रहा है। जिस सोसाइटी में वो रहता है, वहां उसकी छवि कंजूस की है। महेश अपने पड़ोसियों को कभी भी चाय पिलाने से पहले भी सौ बार सोचता था। उसकी कंपनी भी सिर्फ नाम की थी।




ऐसे में शक है कि महेश शाह ने भी इनकम डिक्लेरेशन स्कीम-2016 को कमाई के एक मौके के तौर पर देखा और अपनी जान पहचान वालों की काली कमाई कमीशन पर सफेद करने के लिए 13860 करोड़ रुपये की बेहिसाब दौलत की घोषणा की ।

सूत्रों के मुताबिक, महेश शाह ने 2004 में भी काले धन को सफेद करने की घोषणा की थी। तब उसे 800 करोड़ रूपये जुर्माना भरने को कहा गया था। सूत्रों का दावा है कि महेश मोटा कमीशन लेकर ब्लैकमनी को ठिकाने लगाने का काम करता था।

काले धन को सफेद करने का धंधा कितना बड़ा?

500-2काले धन को सफेद करने के लिए इनकम डिक्लेरेशन स्कीम-2016 एक जून को शुरू हुई थी और 30 सितंबर तक चली। इस दौरान मुंबई के सईद परिवार और अहमदाबाद के महेश शाह को छोड़कर 71,726 लोगों ने कालेधन का खुलासा किया, जो 67,382 करोड़ बैठती है।

हो सकता है कि 71,726 लोगों की लिस्ट में से कुछ ऐसे भी हों, जिन्होंने दूसरों का पैसा कमीशन पर सफेद करने का ठेका लिया हो। लेकिन, नोटबंदी ने सबका खेल बिगाड़ दिया। काले धन को सफेद करने का रैकेट अभी बहुत बड़ा हो सकता है।

इनकम टैक्स कैसे करेगा जांच?

income-taxइनकम टैक्स विभाग पर काम का दबाव पहले से ही बहुत अधिक है। इनकम टैक्स विभाग में करीब 20 हजार अफसरों और कर्मचारियों की कमी है। इतना ही नहीं, इनकम टैक्स विभाग के पास जरुरत से आधी गाड़ियां ही हैं।

अगर देश भर में एक साथ इनकम टैक्स विभाग को कई जगहों पर छापेमारी करनी हो, तो स्टॉफ से लेकर गाड़ियों तक की कमी रहती है। ऐसे में सवाल उठता है कि इनकम टैक्स विभाग कालेधन को सफेद करनेवालों के रैकेट का किस हद तक पर्दाफाश कर पाएगा?






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