बिटकॉइन: मौका या धोखा?

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वर्चुअल वर्ल्ड की करंसी बिटकॉइन ने पूरी दुनिया में तहलका मचा दिया है। पहली बार एक बिटकॉइन की कीमत 15 हजार डॉलर पार कर गई। एक दिन में करीब 3 हजार रुपये डॉलर की उछाल यानी अगर आपने बुधवार को एक बिटकॉइन खरीदा तो गुरुवार को उसकी कीमत 2 लाख रुपये अधिक हो गयी। 8 लाख में खरीदा गया बिटकॉइन 10 लाख रुपये का हो गया। अब सवाल उठता है कि बिटकॉइन लोगों के लिए मौका है या एक बड़ा धोखा?

क्या है बिटकॉइन?

बिटकॉइन इंटरनेट की दुनिया की मुद्रा है। इस पर किसी सरकार या बैंक का कोई नियंत्रण नहीं है। मतलब, बिना बैंक और सरकार को सीधे तौर पर शामिल किए लेन-देन हो सकता है। दुनिया के किसी कोने में बैठे दो लोग आपस में बिटकॉइन का लेन-देन इंटरनेट के जरिए कर सकते हैं। लेन-देन के लिए यूजर आईडी, पासवर्ड और ओटीपी की जरुरत होती है। इसे कंप्यूटर या स्मॉर्ट फोन के डिजिटल वॉलेट में रखा जाता है।

भारत में कैसे खरीद सकते हैं बिटकॉइन?

भारत में बिटकॉइन्स को मान्यता नहीं है। लेकिन, कई ऐसे ऑनलाइन कारोबार के प्लेटफॉर्म्स हैं जिन पर खुद को रजिस्टर्ड कर बिटकॉइन खरीदा जा सकता है। इसमें यूनोकॉइन, जेबपे, कॉइनसिक्यॉर, कॉइनमामा, लोकलबिटकॉइन, बिटकॉइनएटीएम्स शामिल हैं। इन प्लेटफॉर्म पर कुछ हजार रुपये निवेश कर बिटकॉइन के कुछ प्वाइंट खरीदे जा सकते हैं और अपनी सहूलियत के हिसाब से उसे इस्तेमाल किया जा सकता है।

आज की तारीख में कई कंपनियां बिटकॉइन में पेमेंट ले रही हैं। बिटकॉइन प्वाइंट्स को बेच कर भी मुनाफा कमाया जा सकता है। बाजार में मौजूद डिजिटल प्लेटफॉर्म जरिए पैसा आपके बैंक खाते में कई रूट से गुजरते हुए आता-जाता रहता है।

क्या भारत में बिटकॉइन गैर-कानूनी है?

बिटकॉइन को लेकर रिजर्व बैंक कई बार लोगों को सर्तक कर चुका है। लेकिन, बड़ा सच ये हैं कि बिटकॉइन खरीदना गैर-कानूनी नहीं है। बस, सरकार और रिजर्व बैंक इसमें निवेश और लेन-देन की कोई गारंटी नहीं लेता।

कारोबार जगत के लोग बिटकॉइन में लेन-देन के लिए नियम-कायदे तय करने की मांग कर रहे हैं। बड़े कारोबारियों की दलील है कि दुनिया में तेजी से चल रही इस वर्चुअल करंसी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। एक अनुमान के मुताबिक हिंदुस्तान में हर महीने करीब 200 से 250 करोड़ रुपये की ट्रेडिंग बिटकॉइन में हो रही है।

बिटकॉइन की क्या गारंटी है?

भारत में जारी कोई भी नोट एक वादा होता है जो रिजर्व बैंक लोगों से करता है…नोट के बराबर मूल्य की रकम देने का वादा। मतलब, लोग अपने बटुए में मौजूद नोट के मूल्य का दावा रिजर्व बैंक से कर सकते हैं।

बिटकॉइन को किसने जारी किया और कौन लोग इसे वर्चुअल वर्ल्ड में चला रहे हैं, इसका सही हिसाब किसी के पास नहीं है। ऐसे में अपने डिजिटल वॉलेट में मौजूद बिटकॉइन के बराबर मूल्य का दावा करने के लिए लोग कहां जाएंगे? किसके पास जाएंगे इसका फिलहाल जवाब किसी के पास नहीं है?

बिटकॉइन का भविष्य क्या है?

वर्चुअल वर्ल्ड में बिटकॉइन जैसी करीब 300 क्रिप्टो करंसी चल रही है। 2009 में सतोशी नाकामोतो नाम के एक शख्स ने बिटकॉइन की शुरुआत की। लेकिन, आज तक किसी को नहीं पता कि सतोशी नाकामोतो कौन हैं? कई लोगों ने बिटकॉइन की वर्चुअल वर्ल्ड में शोहरत और धमक बढ़ने के साथ खुद को सतोशी नाकामोतो के तौर पर पेश करने की कोशिश की।

कुछ जानकारों का मानना है कि वर्चुअल वर्ल्ड में बिटकॉइन आराम से कीमतों के ऊपर-नीचे होने के साथ चलती रहेगी। लेकिन, कुछ एक्सपर्ट इसे उस गुब्बारे की तरह देख रहे हैं, जिसमें लगातार हवा भरी जा रही है और किसी भी वक्त फट सकता है। ऐसे में लोगों का पूंजी डुबने का बड़ा खतरा है। क्योंकि, बाद में हाथ में रह जाएगा तो सिर्फ यूजर आईडी, पासवर्ड और ओटीपी।

 

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