अयोध्या की राजनीति से अलग राह

0
217 views

अयोध्या यानि भगवान राम की जन्मभूमि। अयोध्या यानि यूपी के फैजाबाद जिले का एक इलाका। अयोध्या यानि बाबरी मस्जिद। अयोध्या यानि भारतीय राजनीति सबसे गर्म मुद्दा। अयोध्या यानि करोड़ों लोगों की धार्मिक भावनाओं की अभिव्यक्ति का केंद्र। अयोध्या के जितने मायने निकाले जाए कम हैं। ये एक ऐसी नगरी है जिसे पहचान की जरुरत नहीं बस तर्क के हिसाब से उसे अपने सांचें में फिट कर लीजिए।

यूपी विधानसभा चुनाव से पहले फिर सभी राजनीतिक दलों की नजर अयोध्या पर है। बीजेपी सरकार अयोध्या में रामायण म्यूजियम बनवा रही है तो यूपी के सीएम अखिलेश यादव थीम पार्क बनवा रहे हैं। सरयू किनारे डुबकी लगाने वाले भी एकाएक बढ़ गए हैं। पिछले 25-30 साल से हर चुनाव में अयोध्या मुद्दा बनता है। बड़ी-बड़ी बातें होती हैं। उसके बाद अयोध्या के लोग अपनी किस्मत पर गुना-गणित करते रहते हैं।

अयोध्या में मंदिरों के बाहर पूजा के लिए फूल-माला, अगरबत्ती जैसी चीजें बेचने का काम वहां का ज्यादातर मुस्लिम समुदाय के लोग करते हैं। कई मुस्लिम तो खड़ाऊ की दुकानों के मालिक भी हैं इसी तरह मस्जिदों के बाहर फूलों की चादर बेचने के काम में कई हिंदू जुटे हैं। ये अयोध्या के लोगों का स्थानीय प्रेम है जिसे शायद बाहरवाले नहीं समझ सकते।

अयोध्या सिर्फ हिंदुओं की नगरी है ये कहना बिल्कुल गलत है। यहां मुस्लिम भी बड़ी संख्या में रहते हैं। सिर्फ़ अयोध्या में ही करीब 85 मस्जिदें मौजूद हैं और अधिकतर में अब भी नमाज़ अदा की जाती है। बहुत सी जगहों पर मंदिर और मस्जिद साथ- साथ हैं। अयोध्या की ऐतिहासिक औरंगज़ेबी मस्जिद के ठीक पीछे सीता राम निवास कुंज मंदिर भी है। इन दोनों के बीच सिर्फ एक दीवार है।

आलमगीरी मस्जिद मुगल काल में बनी थी। वहां मस्जिद के पास एक दरगाह भी है। अयोध्या की हुनमान गढ़ी, आचार्यजी का मंदिर और उदासीन आश्रम के लिए तत्कालीन मुसलमान शासकों ने ज़मीन दी थी। हनुमान गढ़ी के निर्माण के लिए ज़मीन अवध के नवाब ने दी थी। शायद इसीलिए आज भी रोज़ाना एक मुसलमान फकीर को गढ़ी की ओर से कच्चा खाना दिया जाता है।

अयोध्या के मंदिरों से आरती और मस्जिदों से अजान की ध्वनि साथ-साथ निकलते हैं। चाहे आज का अयोध्या हो या कल का…सत्ता के लिए सबने इसे लांचिंग पैड की तरह इस्तेमाल किया है जिसकी आग में यहां का आम आदमी झुलसा है।

 

The short URL of the present article is: http://sachjano.com/c84G3