चीनी मोबाइल का #Boycott कैसे होगा? तीन महीने में एक करोड़ से ज्यादा चीनी मोबाइल की घुसपैठ!

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चीनी सामान को बाजार में घुसने कैसे रोका जाए इस बात पर हर तरफ से ज्ञान मिल रहा है। #WhatsApp, #Facebook और #Twitter में तरह तरह के रास्ते सुझाए जा रहे हैं। ज्ञान देने वालों में एड गुरू से लेकर योग गुरू तक शामिल हैं। लेकिन असली हालात क्या हैं ये समझना भी जरूरी है। #SachJano की रिसर्च टीम के मुताबिक कम से कम चीनी मोबाइल का बॉयकॉट करना तो फिलहाल इंडिया के बस में नहीं है।

कितने स्मार्टफोन खरीदते हैं इंडिया वाले?

क्या आप जानते हैं जुलाई, अगस्त और सितंबर में विदेश से भारत में कितने फोन आए? काउंटरपॉइन्ट रिसर्च के मुताबिक इन तीन महीनों में भारत में साढ़े तीन करोड़ मोबाइल आए और बिके भी। औऱ अक्टूबर, नवंबर के महीन में ये आंकड़ा और बढ़ने की उम्मीद है। रिसर्चर्स के मुताबिक त्योहारों के महीने में स्मार्ट फोन खरीदने वालों की तादाद और बढ़ने वाली है।

#Jio ने भर दिया जोश !

relianceरिलायंस की 4जी कंपनी Jio की वजह से मोबाइल के खरीददारों की संख्या बेतरतीब बढ़ी है। जीओ की सर्विस देने वाले LFY स्मार्टफोन की बिक्री इतनी बढ़ गयी कि इस ब्रांड का भारत के बाजार में शेयर 6.7% तक पहुंच गया। यानी अगर जुलाई से सितंबर के बीच में कुल तीन करोड़ स्मार्टफोन बिके तो इनमें से 20 लाख दस हजार फोन मुकेश अंबानी की कंपनी JIO के लिए थे। जानकारों का मानना है कि स्मार्टफोन्स की खरीददारी में इस कदर इजाफे की एक वजह JIO का लॉन्च होना भी है।

चीनी कंपनियों को कितना फायदा हुआ?

भारत में स्मार्ट फोन्स की क्रांति का सबसे ज्यादा फायदा चीन को हो रहा है। भारत में बन रहे सैमसंग और शुद्ध देसी मोबाइल माइक्रोमैक्स को चीनी मोबाइल कंपनियों ने चारों खाने चित कर दिया है। जुलाई से सितंबर की तिमाही में दोनों मोबाइल कंपनियों का मार्केट शेयर चार प्रतिशत गिर गया है। इसका फायदा उठाते हए चीनी मोबाइल कंपनियां Vivo, Xiaomi और Oppo टॉप 10 में पहुंच गयी हैं। सैमसंग का मार्केट शेयर 25.6% से 21.6%  में आ गया है। जबकि माइक्रोमैक्स का बाजार में हिस्सा 14.1 % से 9.8% रह गया है। Intex तीसरे से पांचवे नंबर पर आ गया है, और इसकी जगह ले ली है Lenovo और LFY ने। कुल मिलाकर चीनी मोबाइल कंपनियों ने तीन महीने में भारत के बाजार में 6% बढ़त हासिल की है। अब देसी बाजार में चीनी मोबाइल फोन्स का हिस्सा 32% हो गया है। यानी हर 100 में से 32 मोबाइल चीन के बिक रहे हैं।

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