क्या भारत को ‘गरीबी’ मुक्त बना पाएंगे मोदी?

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दमदार तरीके से गरीबी हटाओ मुहिम को आगे बढ़ा रहे हैं। हिंदुस्तान से गरीबी खत्म करने के लिए डेडलाइन तय की गई है-2022 यानी आजादी की 75वीं वर्षगांठ। करीब 41 साल पहले इंदिरा गांधी ने भी गरीबी हटाओ का नारा दिया था। इस नारे से इंदिरा गांधी तो हिंदुस्तान की राजनीति में ताकतवर बन गईं । लेकिन, गरीबी पूरी तरह खत्म नहीं हुईं। sachjano.com  ने हिंदुस्तान में गरीबी की राजनीति का विश्लेषण किया

हिंदुस्तान में कितने गरीब हैं?

*वर्ल्ड बैंक की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में करीब 22 करोड़ लोग गरीबी रेखा से नीचे हैं। वर्ल्ड बैंक ने उन लोगों को गरीबी रेखा से नीचे रखा है जो रोजाना 120 रुपये से कम में अपना काम चलाते हैं।

*दुनिया का हर तीसरा गरीब हिंदुस्तान में रहता है। छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, मध्यप्रदेश, ओडिशा, राजस्थान और यूपी में देश के करीब 60% गरीब लोग रहते हैं।

*रंगराजन कमेटी के मुताबिक, गांवों में रोजाना 32 रुपये से कम खर्च करने वाला गरीब है। रंगराजन कमेटी ने 2011-12 में देश में गरीबों की तादाद 36.3 करोड़ बताई थी ।

मोदी सरकार गरीबी खत्म करने के लिए क्या कर रही है?

नरेंद्र मोदी लोगों से जोड़ने वाली यूपीए सरकार की बड़ी योजनाओं को लगातार जारी रखे हुए हैं। उनके कील-कांटे भी दुरुस्त कर रहे हैं-

*मनरेगा मतलब ग्रामीण बेरोजगारों को रोजगार की गारंटी देने वाली योजना
*भोजन का अधिकार यानी गरीबों के बहुत सस्ते दर पर अनाज देने की योजना
*मिड डे मिल मतलब स्कूली बच्चों को दोपहर में मुफ्त भोजन देने की योजना
इसके साथ ही मोदी सरकार का पूरा फोकस गरीबों को ध्यान में रख कर योजना तैयार करने का है। इसीलिए, ग्रामीण और शहरी गरीबों पर मोदी का खास ध्यान है। गरीबों को

* घर बनाने में कर्ज पर सरकार की ओर से सब्सिडी मिल रही है
* बेरोजगार लड़के को कमाने लायक हुनर सिखाने के लिए स्किल इंडिया के तहत ट्रेनिंग दी जा रही है

*खुद अपना कारोबार करनेवाले लोगों की मदद के लिए मोदी सरकार की मुद्रा योजना चल रही है, जिसके तहत 9 करोड़ से अधिक लोगों को बिना गारंटी का कर्ज मंजूर किया जा चुका है।

* सौभाग्य योजना के तहत गरीबों को मुफ्त बिजली देने की योजना शुरू हो चुकी है।

* बीमार होने पर इलाज के लिए सस्ते में बीमा का इंतजाम किया गया है
* मौत पर 2 लाख का जीवन बीमा देने के लिए प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना चल रही है ।
* बच्चियों की बड़े होने पर पढ़ाई-लिखाई में दिक्कत न हो, इसके लिए सुकन्या समृद्धि योजना चल रही है।
* गरीबों तक पहुंचने वाली सरकारी मदद से भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए मोदी सरकार ने जनधन योजना के तहत बैंकों में खाते खुलवाए दिए। जिससे अब सरकारी मदद सीधे खाते में ट्रांसफर हो रही है।

मोदी गरीबों को क्यों खुश करने में लगे हैं?

हिंदुस्तान की राजनीति में गरीब बहुत बड़ा वोट बैंक है। हिंदुस्तान की जात-पात में बंटी वोट बैंक की राजनीति को ध्वस्त करते हुए पूरी लड़ाई को गरीब बनाम अमीर में बदल दिया। मोदी 2019 में प्रचंड बहुमत से सत्ता में वापसी के लिए गरीबों के वोट की ओर देख रहे हैं।

बीजेपी अच्छी तरह से जानती है कि नोटबंदी से अर्थव्यवस्था की रफ्तार सुस्त हुई । उसके बाद जीएसटी ने अर्थव्यवस्था को बुरी तरह झकझोर दिया।

जीएसटी से देश का कारोबारी वर्ग नाराज है तो नौकरियों के मौके भी कम हुए हैं। ऐसे में मोदी देश के गरीबों को खुश कर बीजेपी का वोट बैंक बढ़ना और अपना न्यू इंडिया बनाने के सपने पर तेजी से काम कर रहे हैं।

इंदिरा गांधी का गरीबी हटाओ

बात 1970 की है। इंदिरा गांधी पार्टी के भीतर और बाहर विरोधियों से चारों तरफ घिरी थीं। सोशलिस्टों की राजनीतिक जमीन तेजी से मजबूत हो रही थी और लोकसभा चुनावों का काउंटडाउन शुरू हो चुका था।

1971 के आम चुनाव से ठीक पहले इंदिरा गांधी ने नारा दिया- गरीबी हटाओ । तब इंदिरा गांधी ने कहा था कि हम गरीबों को बाजार की ताकतों के भरोसे नहीं छोड़ेंगे, अमीरों के रहमोकरम पर नहीं छोड़ेंगे । इंदिरा गांधी की गरीबी हटाओ नारे के बार प्रचंड बहुमत से सत्ता में आईं ।

इंदिरा से मोदी तक कितनी कम हुई गरीबी?

इंदिरा गांधी ने जब गरीबी हटाओ का नारा दिया था, तब देश में गरीबों की तादाद 57% थी और अब ये घट कर 30% पर आ गई है। मतलब, पिछले 46 साल में सिर्फ 27% गरीबी कम हुई है।

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